कुंभ से शुरू हुई प्रयागराज-वाराणसी-अयोध्या सर्किट यात्रा का असर पिछले साल माघ मेले में देखने को मिला था। इस बार सर्किट पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने का अनुमान है, सो प्रशासन, रेलवे व रोडवेज माघ मेला के लिए इसी हिसाब से परिवहन योजना तैयार कर रहा है।
इस बार तैयारियां एक माह पहले शुरू कर दी गईं हैं। मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम के निर्देश पर माघ मेला से जुड़े सभी कार्यों के टेंडर एक माह पहले ही जारी कर दिए गए हैं। मंडलायुक्त माघ मेला की तैयारियों को लेकर चार बार समीक्षा बैठक कर चुके हैं। प्रशासन का अनुमान है कि पिछले माघ मेले के मुकाबले इस बार प्रयागराज-वाराणसी-अयोध्या से जुड़े मार्गों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी।
मंडलायुक्त ने रेलवे के अफसरों से कहा है कि अतिरिक्त ट्रेनों के रेक की व्यवस्था पहले से करके रखें। पिछले साल के मुकाबले इस बार 10 फीसदी अतिरिक्त इंतजाम रखें। वहीं, रोडवेज के अफसरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि प्रयागराज-अयोध्या-वाराणसी सर्किट पर बसों के संचालन की जो व्यवस्था पिछले साल की गई थी, इस बार 10 फीसदी अतिरिक्त व्यवस्था कर लें। मंडलायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अक्तूबर में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर लें और माघ मेला से जुड़े विकास कार्य शुरू करा दें।
पार्किंग के लिए चिह्नित किए गए स्थान
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने बताया कि माघ मेला के लिए पार्किंग के स्थान भी चिह्नित कर लिए गए हैं। आगामी बैठक में प्रस्तावित पार्किंग स्थलों पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी। पार्किंग शहर के बाहर बनाई जाएगी। माघ मेला के दौरान दूसरे जिलों व राज्यों से आने वाली बसों व अन्य चार वाहनों को पार्किंग में ही रोक दिया जाएगा ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।
महाकुंभ के दौरान चलाई गई रिंग थी रेल
महाकुंभ के दौरान प्रयागराज-वाराणसी-अयोध्या सर्किट के लिए रिंग रेल चलाई गई थी। पहली ट्रेन प्रयागराज से वाराणसी होते हुए अयोध्या और दूसरी ट्रेन प्रयागराज से अयोध्या होते हुए वाराणसी के लिए चलाई गई थी। प्रतिदिन ट्रेन के पांच से छह फेरे लगते थे। इस बार भी रिंग रेल चलाए जाने की योजना है।
झूंसी की ओर विस्तार की तैयारी, बढ़ेगी घाटों की संख्या
मंडलायुक्त ने बताया कि माघ मेला को झूंसी की ओर विस्तार देने की तैयारी है। सेक्टरों का क्षेत्रफल भी इस बार बढ़ सकता है। मेला क्षेत्र का विस्तार होने की स्थिति में घाटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।