सिखों की कौम को सेवा और सामाजिक कार्यो के लिए शुरू से ही जाना जाता है। दर्द मुक्त समाज के निर्माण में ऐसे ही एक सिख युवा ने एक अलग तरह की अलख जला रखी है, जिसके तहत वह लोगों की निशुल्क जांच करते हैं। वैसे तो आपने बहुत से स्वास्थ्य जांच शिविरों के बारे में सुना होगा, लेकिन यहां रोजाना जांच होती है। तकलीफ कोई भी हो, नाड़ी जांच कर यह मर्ज को पहचान लेते हैं।
बात हो रही है शहर के चौक इलाके की, जहां एक दुकान के सामने छोटे से स्टॉल पर बैठे सिख युवक पर बरबस ही लोगों की नजरें रूक जाती हैं। सर्द हवा के बीच लोगों को दर्द से राहत देने का आश्वासन देने वाले यह युवक हीलर अमरजीत सिंह हैं, जो रोजाना इसी जगह पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाते हैं। अमरजीत कहते हैं कि उनके पास मांसपेशियों के दर्द, साइटिका, आर्थराइटिस आस्टियोआर्थराइटिस, स्लिप डिस्क और पैरालिसिस के ऐसे मरीज आते हैं जिनको सर्जरी कराने के बाद भी दर्द में आराम नहीं मिला, ऐसे मरीजों की पहले जांच की जाती हैं, फिर उन्हें आर्थो प्लस के नियमित इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।
अमरजीत कहते हैं कि दर्द की दवाओं का सेवन करने वाले अधिकांश मरीजों की शिकायत होती है कि लंबे समय से दवा लेने की वजह से उनकी किडनी पर इसका असर पड़ रहा है, इसके लिए उनके पास आयुर्वेद का एक सुरक्षित विकल्प है, आर्थोप्लस जिसे फायटोजेनिस फार्मुले के आधार पर तैयार किया गया है। कैंप में जांच कराने आएं, सुरेश ने बताया कि मां को स्लिप डिस्क की समस्या थी, फिजियोथेरेपी से भी आराम नहीं आया तो यहां जांच के लिए पहुंच गए, वह दूसरी बार कैंप पर आएं हैं और अब दर्द में पहले से बहुत राहत है।