नई झूंसी आजाद नगर इलाके में सिक्योरिटी कंपनी खोलकर गार्डों की नियुक्त पैसे लेकर की गई। कंपनी में नियुक्त किए गए सुरक्षा गार्डों को झूंसी समेत अन्य बैंकों की शाखाओं और एटीएम मशीनों पर उन्हें नियुक्त किया गया था। दो माह बाद भी सुरक्षा गार्डों को सैलरी नहीं मिली तो बुधवार को सभी झूंसी थाने पहुंच गए और आरोपी कंपनी के संचालक के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों में समझौता होने की बात सामने आई थी।
नई झूंसी के आजाद नगर में कुछ माह पहले सिक्योरिटी कंपनी खोली गई थी। इसमें कुल 51 सुरक्षा गार्डों की नियुक्त किया गया था। सभी सुरक्षा गार्डों से 10 हजार रुपये लेकर उन्हें नियुक्त किया गया था। उनसे बताया गया था कि उन्हें हर माह 16 हजार रुपये सैलरी दी जाएगी। साथ ही 90 दिन बाद जो दस हजार रुपये लिया गया है उसे वापस कर दिया जाएगा।
सभी सुरक्षा गार्डों को झूंसी और आसपास के बैंकों व उनके एटीएम मशीनों पर तैनात किया गया था। दो माह गुजरने के बाद भी किसी को सैलरी नहीं मिली तो उन्हें संचालक पर शक हुआ। पता लगाया गया तो संचालक के चाल-चलन संदिग्ध मिले। इस पर बुधवार को सभी 51 सुरक्षा गार्ड तहरीर लेकर झूंसी थाने पहुंचे और पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया गया। आरोपी को गिरफ्तारी की मांग की गई। इस पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में कर लिया। काफी देर तक चली बातचीत के बाद आरोपी ने रुपये वापस देने की बात कही। तब जाकर दोनों पक्षों में समझौता हुआ।
बैंको को पता ही नहीं था कि किस कंपनी के हाथों में है सुरक्षा
नई झूंसी आजाद नगर में जिस सिक्योरिटी कंपनी का कार्यालय है, वहां पर कुल 51 सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति करके उन्हें यहां के कई बैंकों की शाखाओं व एटीएम मशीनों पर तैनात किया गया था। आश्चर्य है कि इस बात की जानकारी न तो बैंक के शाखाओं के अफसरों को थी और न हीं पुलिस को।