केस एक
लखनऊ में तैनात एक सीनियर महिला आईएएस अफसर ने मेले के एक अधिकारी को फोन किया। उन्होंने कहा कि हमारे करीबी लोग गए हैं, उन्हें संगम में वीआईपी स्नान करवा दें। अधिकारी ने एक नायब तहसीलदार को फोन किया तो उन्होंने कहा कि सर एक दरोगा ने वीआईपी डयूटी में लगे लेखपाल की पिटाई कर दी हैं, उसे लेकर इलाज कराने अन्य लेखपाल गए हैं। थोड़ी देर बाद दोबारा फोन महिला अफसर का आया, आपने कोई मदद नहीं की।
केस दो
मध्य प्रदेश से एक महिला ने मेले के एक अधिकारी को फोन किया। उन्होंने कहा कि वह आ रहीं हैं उन्हें कमरा, मोटरवोट और प्रोटोकॉल चाहिए। वह ......की करीबी हैं। अधिकारी ने मना कर दिया कि कमरा नहीं मिल पाएंगा, मुख्यमंत्री और राज्यपाल का कार्यक्रम रविवार को है। भाजपा की महिला नेता गुस्सा गईं।
केस तीन
उड़ीसा के एक सांसद के पीएस ने फोन कर कहा कि सांसद जी दस लोगों के साथ 17 को जाएंगे, प्रोटोकॉल स्नान करने का, रहने का इंतजाम हो जाएगा क्या। अधिकारी ने उन्हें परेशानी बताई तो वह समझदार निकले। उन्होंने कहा कि वैसे कोशिश करिएगा।
केस चार
लखनऊ से एक फोन आया। उन्होंने कहा कि हम प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ..... के यहां से बोल रहा हूं । हमारे रिश्तेदार जा रहे हैं, उनके स्नान के लिए खास इंतजाम करा दें। अधिकारी ने इसकी भी जरूरत नहीं समझी कि वास्तव में प्रमुख सचिव के यहां से ही फोन हैं या कोई फर्जी व्यक्ति उनका नाम बेच रहा हैं, उसके लिए बेहतर इंतजाम करवा दी।
करीब तीन से चार हजार प्रोटोकॉल जारी हो चुका होगा। वीआईपी के आने से कोई परेशानी नहीं है। अगर परेशानी है तो उनकी वजह से जो अपने को वीआईपी बताकर सभी सुविधाएं प्राप्त करना चाहते हैं। प्रतिदिन पांच दर्जन वीआईपी प्रोटोकॉल जारी किया जा रहा है। फोन तो 200 से अधिक आते हैं, सभी को ठहरने के लिए कमरा, मोटरवोट, संगम स्नान आदि वीआईपी सुविधा चाहिए। - संजीव ओझा, अपर मेला अधिकारी, महाकुंभ प्रयागराज।