बाढ़ के दौरान ग्रामीण अपना घर और जमीन खोते हैं। खतौनी में भले ही जमीन हो, लेकिन हकीकत में वह गंगा में समाहित हो चुकी है।- गिरजाशंकर पांडेय, पूर्व प्रधान, डेंगुरपुर।
महेवा कला गांव की खेती योग्य कई बीघे भूमि जलमग्न हो चुकी है। सरकार इन किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराए। -दीपक कुमार, प्रधान, महेवाकला
किसानों की इस पीड़ा का निवारण होना चाहिए। गंगा की कटान में लोगों ने अपने घर तक गवां दिए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित मल्लाह समाज के लोग हैं। रामकिशुन, प्रधान, उमापुर कला।
अछोला, चौकठा नरवर और उमापुर गंगा घाट पर जियो टेक्सटाइल ट्यूब कटर का निर्माण पूरा हो गया है। यदि कटान हो रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी और उक्त स्थान को परियोजना से जोड़कर कटानरोधी कार्य कराए जाएंगे। - दिनेश त्रिपाठी, एसडीओ, बाढ़ प्रखंड।
गंगा में नाव संचालन बंद
मांडा। गंगा के जलस्तर में बृद्धि को लेकर डेंगुरपुर-धनतुलसी फेरी गंगा घाट पर नाव का संचालन बंद कर दिया गया। जिससे राहगीरों के लिए मुश्किलें बढ़ गईं। गंगा में बढ़ते जलस्तर को लेकर बुधवार शाम से अफसरों के निर्देश पर डेंगुरपुर- धनतुलसी फेरी गंगा घाट पर नाव का संचालन बंद कर दिया गया। नाव संचालन बंद होने से राहगीरों को 50 किमी का अतिरिक्त चक्कर काटकर मिर्जापुर व प्रयागराज शहर होकर यात्रा पूरी करनी पड़ेगी। जिससे राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई। वहीं दूधिया व सब्जी की फेरी लगाने व्यवसायियों के गंगा आर-पार नहीं उतरने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ेगी।