कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि पेपर लीक मुद्दे पर जंतर मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान जो कुछ हुआ, वह सबने टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर देखा। 48 घंटे में देश की दुर्भाग्यपूर्ण तस्वीर सामने आई है।
बुधवार को प्रयागराज आईं सुप्रिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देशभर से हजारों छात्र इस उम्मीद के साथ दिल्ली पहुंचे कि सरकार उनकी बात सुनेगी। समस्याओं पर संवाद करेगी और उनके न्यायसंगत मांगों का समाधान करेगी लेकिन उन्हें पुलिस बल का सामना करना पड़ा। नीट पेपर लीक से व्यथित जिन 22 छात्रों ने आत्महत्या नहीं की बल्कि सिस्टम ने उनकी हत्या की।
श्रीनेत शाम 7:30 बजे ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के गेट के सामने आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। इस कार्यक्रम और मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसी को नहीं छोड़ा। छात्रों को पर लाठियां बरसाई गईं, छात्राओं के कपड़े फाड़े गए।
नेता प्रतिपक्ष बने राहुल गांधी से भी पुलिस ने बर्बरता की और उनकी नाक से खून निकल आया। देश के युवा सरकार से खून का जवाब लेंगे। यह लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
इस मौके पर शहर अध्यक्ष फुजैल हाशमी, जिलाध्यक्ष गंगापार अशफाक अहमद, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह समेत मुकुंद तिवारी, विवेकानंद पाठक, रजनीश सिंह रिशू, रघुनाथ द्विवेदी, आयुष मिश्रा, सौरभ पांडेय आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम शुरू होते ही गुल हो गई बत्ती
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शुरू होते ही बत्ती गुल हो गई। वहां मौजूद सैकड़ों छात्रों ने मोबाइल की टॉर्च से रोशनी की और फिर जनरेटर से बिजली की व्यवस्था की गई। ऐसे में कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित रहा। कांग्रेसियों का आरोप है कि प्रशासन के इशारे पर बिजली काटी गई।