इस तरह देते हैं लालच
- तीन हजार रुपये में प्रीमियम कमरा
- अटैच वॉशरूम
- स्टेशन से लाने-ले जाने की सुविधा
- नाश्ता, दोनों समय का भोजन, दो कप चाय
- हर व्यक्ति को मोटे कंबल
- आरामदायक बेड
- रूम हीटर
- लॉकर की सुविधा
- वीआईपी गेस्ट के लिए अलग से व्यवस्था
- पूरे परिसर में सीसीटीवी की सुविधा
टेंट सिटी का नाम कुछ और पता नामी होटल का
हैरानी की बात है कि खुद को टेंट संचालक बताने वाले के व्हॉट्सएप नंबर पर होटल का पूरा पता लिखा था, लेकिन जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि यह पता एक नामी होटल का है। वहीं, साइबर पुलिस अफसरों का कहना है कि बंद कराई गई वेबसाइट में अधिकतर पता कहीं और का दर्ज था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभी भी कई फर्जी वेबसाइट चल रही हैं, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।
नामी होटलों के नाम पर भी फर्जी वेबसाइट
शहर के नामी होटल कान्हा श्याम, अजय इंरटनेशनल, यात्रिक, मारवाड़ी धर्मशाला आदि होटलों के नाम पर भी फर्जी वेबसाइट बनाई गई हैं। इसे लेकर साइबर पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई जा चुकी है। इसमें साइबर ठग महाकुंभ और प्रयागराज घुमाने के नाम पर पैकेज दे रहे हैं। पुलिस अफसरों का कहना है कि अधिकतर दूसरे राज्य के लोग इसमें फंस रहे हैं। इसे लेकर कई शिकायतें भी मिल चुकी हैं, जिसमें कोलकाता, मध्य प्रदेश, दिल्ली आदि राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया था।
ठग के बातचीत के अंश
रिपोर्टर- हेलो मैं गाजियाबाद से बोल रहा हूं महाकुंभ में आना है, 13 जनवरी की बुकिंग होगी क्या?
टेंट संचालक- हां हो जाएगी, सिर्फ दो से तीन हजार में टेंट मिल जाएगा, आपको कौन सा बुक करना है?
रिपोर्टर- दो हजार वाला, पांच लोग हैं, कितना लगेगा?
टेंट संचालक- 10 हजार रुपये लगेंगे। इसके लिए एक आईडी और चार हजार रुपये एडवांस देने होंगे।
रिपोर्टर- स्टेशन से कितनी दूर होटल है, एरिया और होटल का क्या नाम है?
टेंट संचालक- 12 किलोमीटर की दूरी पर अरैल में है। संगम से सिर्फ 500 मीटर की दूरी पर है।
रिपोर्टर- बुकिंग कराने के बाद कोई फ्रॉड तो नहीं होगा? मेरे जानने वालों के साथ ठगी हुुई है।
टेंटसंचालक- आप विश्वास करें, ऐसा कुछ नहीं होगा, मेरी गाड़ी जाएगी और स्टेशन से आपको लेकर आएगी।
रिपोर्टर- ऑनलाइन पेमेंट नहीं दे पाऊंगा, मेरा जानकार प्रयागराज में है वह पैसा आपके होटल में पहुंचा देगा।
टेंट संचालक- बुक कराना है तो कराइये, ऑफलाइन पेमेंट नहीं होगा। समय बर्बाद न करिए।