मलाक बलऊ में बाइक सवार बदमाश ने घर लौट रही महिला डाकपाल मीना (26) को दिनदहाड़े गोली मार दी। एक के बाद एक दो फायर झोंके और सिर पर असलहे की बट से वार भी किया। गोली तो नहीं लगी, लेकिन छर्रे लगने से उसकी दोनों हथेलियां जख्मी हो गईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
फिलहाल, देर शाम तक हमलावर व हमले की वजह का पता नहीं चल सका था। पुलिस तहरीर मिलने का इंतजार करती रही। नवाबगंज के शिवलाल का पूरा गांव की रहने वाली मीना मृतक आश्रित कोटे में उल्दा डाकघर में बतौर डाकपाल तैनात हैं। वह रोज गांव से हाईवे तक पैदल और फिर वहां से टेंपो से आती-जाती हैं। उन्होंने बताया कि रोज की तरह मंगलवार दोपहर भी वह घर लौट रही थीं।
दोपहर करीब 2:30 बजे वह टैक्सी से गांव के सामने उतरीं और फिर पैदल ही घर जाने लगीं। आरोप है कि तभी हेलमेट लगाए बाइक सवार युवक आया और उन्हें रोक लिया। वह कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही उसने असलहा निकालकर फायर झोंक दिया। एक के बाद एक उसने दो फायर झोंके। उसका निशाना तो चूक गया, लेकिन युवती के हाथ में छर्रे जा धंसे।
वह लहूलुहान होकर चीखने लगीं तो हमलावर ने असलहे की बट से उनके सिर पर वार किया। इसके बाद धमकाते हुए भाग निकला। उधर, शोरगुल सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और फिर कुछ ही देर में परिजन व पुलिस भी आ गई।
उन्हें सीएचसी कौड़िहार ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने किसी से फिलहाल कोई रंजिश न होने की बात बताई है। डीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि फिलहाल, परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। युवती ने भी किसी से रंजिश की बात नहीं बताई है। जांच-पड़ताल कराई जा रही है।
तय हो गई थी शादी
यह बात भी सामने आई है कि युवती की शादी तय हो गई थी। उधर, परिजनों ने पुलिस को बताया कि नौकरी के दौरान ही पिता नंदलाल का निधन हो गया था। इसके बाद तीन बहनों बीना, रीना और रवीना की सहमति से मीना को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली थी। परिवार में किसी भी प्रकार का विवाद नहीं है।