क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संदीप मिश्रा, एसआई श्रवण निगम, राजीव तिवारी समेत अन्य ने एक दिन पहले पिस्टल के साथ दो युवकों को पकड़ा। दोनों ने अपना नाम झलवा निवासी भावेश द्विवेदी व चक्रपाणि त्रिपाठी बताया। इनके पास से काफी मात्रा में कारतूस भी मिले। हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई तो पता चला कि इन्हें कारतूस अतरसुइया के बैदन टोला निवासी वासिफ मुहैया कराता था। दोनों ने यह भी बताया कि शुक्रवार को भी वह उन्हें कुछ कारतूस देने आने वाला है। जिसके बाद पुलिस टीम ने शाहगंज में ही घेराबंदी की। कुछ देर बाद वासिफ वहां एक अन्य व्यक्ति के साथ पहुंचा जिसके बाद घेराबंदी में लगी टीम ने दोनों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से कुल 112 कारतूस मिले। जिनमें .32 के 102 व 315 बोर के 10 कारतूस शामिल थे। इतनी बड़ी मात्रा मेें कारतूस देख पुलिसकर्मियों के भी होश उड़ गए। पूछताछ में पता चला कि मौके से पकड़ा गया दूसरा व्यक्ति चकिया निवासी अनिल कुमार साहू है जो गन हाउस का मालिक है। उसकी दुकान शाहगंज में ओंकार गन हाउस के नाम से है। उधर वासिफ ने बताया कि वह वर्तमान में नुरुल्लाह रोड स्थित गन हाउस में काम करता है और वह लंबे समय से अनिल के भी संपर्क में था।