इलाहाबा। चिल्ड्रेन अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के प्रत्येक बेड पर एक ही बच्चे को भर्ती किया जाएगा। कमिश्नर बीके सिंह ने अस्पताल प्रशासन को इस निर्देश का सख्ती से अनुपालन कराने के लिए कहा है। कमिश्नर की टीम ओर से पिछले दिनों सरकारी अस्पतालों में किए गए निरीक्षणों के दौरान तमाम खामियां सामने आईं। इन खामियों में सुधार के लिए कमिश्नर बीके सिंह ने मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह का दिशा-निर्देश जारी किए और उसी आधार पर प्राचार्य ने अस्पतालों के प्रमुख अधीक्षकों एवं विभागाध्यक्षों को निर्देश दे दिए हैं।
गत दिनों अपर आयुक्त प्रशासन कनक त्रिपाठी चिल्ड्रेन अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची थीं। उन्होंने देखा कि इमरजेंसी वार्ड के एक-एक बेड पर दो से तीन बच्चों को भर्ती किया गया है जबकि अन्य वार्डों में बेड खाली पड़े हुए थे। चिल्ड्रेन अस्पताल में चारों तरफ गंदगी फैली हुई भी मिली। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कमिश्नर बीके सिंह ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं कि इमरजेंसी वार्ड में एक वार्ड पर एक ही बच्चे को भर्ती किया जाएगा। अन्य वार्डों में खाली पड़े बेडों का भी उपयोग किया जाए। साथ ही साफ-सफाई की व्यवस्था को दुरुस्त रखा जाए। इसके अलावा अन्य सरकारी अस्पतालों के प्रमुख अधीक्षकों एवं समस्त विभागाध्यक्षों की हर माह की पहली एवं 16 तारीख को बैठक की जाए और मरीजों की समस्याओं पर विचार-विमर्श कर उनका समाधान किया जाएगा। चिकित्सालयों के औषधि भंडार में उपलब्ध दवाओं की सूची सभी विभागाध्यक्षों को उपलब्ध कराकर मरीजों को दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही सभी विभागाध्यक्ष स्टाक पंजिका का भौतिक सत्यापन करते हुए खराब उपकरणों की सूची बनाकर मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजें। साथ ही खराब एंबुलेंस की मरम्मत कराकर रेफर्ड मरीजों को बाहर ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई जाए। कमिश्नर के इन निर्देशों पर काम शुरू हो चुका है। प्राचार्य ने कमिश्नर को अवगत कराया है कि निर्माण कार्य, मशीनें, विद्युत कार्य, एनेस्थीसिया, यूएसजी मशीन, पांच जेनरेट क्रय करने के लिए आदेश जारी किए जा चुके हैं। यूजर चार्जेज का उपयोग करने के लिए वित्त नियंत्रक से वार्ता कर ली गई है। अनुमति के लिए महानिदेशक को पत्र भेजा गया है। ट्रामा सेंटर का निर्माण 15 दिन में पूरा हो जाएगा, जिसका संचालन शीघ्र शुरू होगा।