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भड़के वकीलों ने पेशी पर आए बंदी को पीटा

Fri, 17 Oct 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। जिला अदालत परिसर में बृहस्पतिवार दोपहर जेल से पेशी पर लाए गए हिस्ट्रीशीटर छोट्टन गिरि की करतूत से वकील भड़क उठे। उसने वकीलों को अपशब्द कहने के साथ ही सिपाही से राइफल छीनकर तानी तो नाराज वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिसवाले उसे लॉकअप ले गए तो वहां भी पीटा। चाय-पान की दुकान और मेज-कुर्सियां तोड़ डाली गईं। इस घटना की खबर पाकर एसएसपी और एसपी सिटी समेत कई अधिकारी भारी पुलिस फोर्स के साथ आए और वकीलों से बात की। पुलिस अफसरों के समझाने पर वकील हटे। बाद में कैदियों को जेल भेजा गया।
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झूंसी के छतनाग में नौ फरवरी को हुए गैंगवार में दो लोगों की हत्या की घटना में हिस्ट्रीशीटर छोट्टन गिरि समेत सात लोग जेल में बंद हैं। गुरुवार को छोट्टन की सीजेएम कोर्ट में पेशी थी। छोट्टन समेत छह बंदियों को नैनी जेल से प्रिजन वैन में जिला अदालत लाया गया। दिन में करीब 12 बजे सीजेएम कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिसवाले छोट्टन को लॉकअप की ओर ले जा रहे थे। बताया गया कि उसके कहने पर पुलिसवाले चाय-नाश्ते की दुकान पर रुक गए। तभी छोट्टन ने वहां से गुजरे एक वकील से कहा कि सिपाही आपको गाली दे रहा है। सिपाही ने सफाई दी कि वह झूठ बोल रहा है तो छोट्टन ने ही वकीलों को अपशब्द कह दिए। इस पर नाराज वकीलों ने घेरकर उसकी पिटाई शुरू की तो उसने एक सिपाही से राइफल छीनकर वकील पर तान दी, हालांकि पुलिसवालों ने उससे राइफल फौरन वापस ले ली। अदालत परिसर में अपराधी की इस करतूत से वकीलों का गुस्सा और बढ़ गया। माहौल को भांपते हुए पुलिसकर्मी बंदी छोट्टन को लॉकअप में ले गए तो वकील भी पीछे लगकर उसे पर घूंसे बरसाते रहे।
खबर पाकर कर्नलगंज समेत कई थानों की पुलिस वहां पहुंच गई। एसएसपी दीपक कुमार, एसपी सिटी राजेश यादव और सीओ भी आ गए। इस बीच गुस्साए लोगों ने चाय-नाश्ते की दुकान तोड़ डाली। कर्नलगंज थाना प्रभारी एके निगम और छोट्टन की कारगुजारी से भड़के वकीलों के बीच धक्कामुक्की भी हो गई। बाद में पुलिस अधिकारियों तथा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्रस, सचिव देवेंद्र मिश्र नगरहा ने आक्रोशित वकीलों से बात कर स्थिति संभाली।
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पुलिस का मानना है कि जेल से पेशी पर लाए गए बंदी छोट्टन गिरि का इरादा कस्टडी से फरार होने का था। शायद इसी नीयत से उसने वकीलों से झूठ बोला कि सिपाही ने उन्हें गाली दी है। वह पुलिस और वकीलों में टकराव कराकर भागना चाह रहा था लेकिन दांव उल्टा पड़ गया। वकील उसकी करतूत भांप गए और उसकी ही पिटाई कर दी। उसने भागने की कोशिश भी की मगर पुलिस और वकीलों ने उसे निकलने नहीं दिया।
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