इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर अंग्रेजी विभाग में प्रोफेसर राशिद साज़ की नियुक्ति के बारे में जानकारी तलब की है। विश्वविद्यालय के ही अनवारुद्दीन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर प्रो. साज़ की नियुक्ति को चुनौती दी है। याचिका पर जस्टिस दिलीप गुप्ता और जस्टिस सतीश चंद्रा की खंडपीठ सुनवाई कर रही है। खंडपीठ ने विश्वविद्यालय को 24 नवंबर तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
याची के अधिवक्ता मनीष गोयल का कहना था कि पिछले वर्ष राशिद साज़ को नियमों को ताक पर रखकर नियुक्ति दी गई जबकि वह यूजीसी के मानक के अनुरूप इस पद की योग्यता नहीं रखते हैं। उनके पास डी.फिल. और एमफिल. की डिग्री भी नहीं है। इसके अलावा उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का भी मामला चल रहा है। एलआईयू ने अपनी जांच रिपोर्ट में उनको वेबसाइट के माध्यम से राष्ट्रविरोधी गतिविधियां चलाने में संलिप्त बताया है। याची अनवारूद्दीन विश्वविद्यालय की प्रशासनिक समिति से जुड़े हैं। याचिका पर 24 नवंबर को सुनवाई होगी।