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छोटा बघाड़ा में बवाल, डॉक्टर के घर तोड़फोड़, आगजनी

Sat, 20 Sep 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। गोविंदपुर में मकान मालिक-किराएदार के बीच भिड़ंत का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ और शुक्रवार की रात छोटा बघाड़ा सुलग उठा। एक किराएदार को पुलिस से पिटवाने का आरोप लगाते हुए सैकड़ों छात्रों ने होम्योपैथिक डॉक्टर विवेक त्रिपाठी के घर पर धावा बोल दिया और जमकर बवाल काटा। छात्रों ने डॉक्टर के घर में भारी तोड़फोड़ की और घर का सारा सामान उठाकर सड़क पर फेंक दिया। स्कूटर, सोफा, टीवी समेत तमाम सामान एक जगह रख उसमें आग लगा दी। छात्रों ने एनी बेसेंट चौकी पर भी हमला बोला। जब कर्नलगंज की फोर्स छात्रों को समझाने में नाकाम रही तो एसपी सिटी राजेश यादव पीएसी और भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। छात्रों को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और किसी तरह घर में फंसी डॉक्टर की पत्नी अर्चना त्रिपाठी को बाहर निकाला।
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डॉ. विवेक त्रिपाठी अपनी पत्नी डॉ. अर्चना त्रिपाठी के साथ छोटा बघाड़ा मेें मकान में रहते हैं। जमीनी तल पर उनका घर और डिस्पेंसरी है तथा ऊपर के पांच कमरे उन्होंने छात्रों को किराए पर दे रखे हैं। आरोप है कि समय से किराया न दे पाने पर विवेक ने एक किराएदार को पुलिस से पिटवाया था। छात्र को एनी बेसेंट चौकी में पीटने की बात कही जा रही है। छात्र का कहना था कि वह गले के फोड़े का आपरेशन कराने के कारण किराया नहीं दे पाया था। बताया गया कि छात्र पुलिस के चंगुल छूटा तो शाम को आसपास लॉज में रहने वाले छात्रों को इसकी खबर दी। रात में लगभग सात बजे डॉक्टर के घर पर आ धमके। शोर सुनकर डॉक्टर तो भाग निकले लेकिन उनकी पत्नी घर पर ही रह गईं। छात्रों ने सारा फर्नीचर, टीवी, फ्रिज, स्कूटर के साथ ही सारे शीशे तोड़ डाले। घर के खिड़की दरवाजे भी उखाड़ लिए गए। सड़क पर सामान रखकर आग लगा दी गई। बाद में बलवा करने वाले चौकी पहुंचे और वहां मौजूद सिपाहियों के साथ मारपीट की। जब सिपाही वहां से भागे तो छात्रों ने चौकी में रखा सामान तोड़ डाला। रात 10 बजे डॉक्टर की पत्नी को घर से निकालने के बाद माहौल शांत हुआ। एसपी सिटी ने सभी को घरों में लौट जाने को कहा। अधिकांश युवक रात 11.30 बजे तक मौके पर डटे हुए थे। बवाल की आशंका के मद्देनजर फोर्स नहीं हटाई गई थी।
कर्नलगंज थाने की पुलिस की नादानी से छोटा बघाड़ा में आधी रात तक बवाल होता रहा। पुलिस अगर समय रहते चेत जाती तो मामला इतना बढ़ नहीं पाता। शुरुआती कदम उठाने में नाकामी का ही नतीजा रहा कि तीन घंटे तक छात्र डॉक्टर के घर और पुलिस चौकी पर बवाल करते रहे। डॉक्टर की पत्नी अर्चना की भी जान सांसत में रही। अंधेरे के कारण पुलिस पहले आगे बढ़ने में हिचक रही थी। एसपी सिटी राजेश यादव के पहुंचने के बाद फोर्स आगे बढ़ी। मोहल्ले के लोग भी बवाल के चलते दहशतजदा रहे। लोग घरों में दुबके रहे और पुलिस के पहुंचने के बाद बाहर ही निकलने की हिम्मत जुटा सके। रात में एसएसपी दीपक कुमार भी मौके पर पहुंच गए।
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बवाल इतना बड़ा है, इसका अंदाजा कर्नलगंज थाने की पुलिस लगा ही नहीं सकी। यह समझा जाता रहा कि दो पक्षों के बीच का विवाद है। जब पुलिस से बवाल के बारे में पूछा गया तो कहा गया कि विवाद सुलझ गया है लेकिन कुछ ही देर में छोटा बघाड़ा के सुलगने की खबरें आने लगीं। जब एसपी सिटी राजेश यादव, सीओ चतुर्थ नीति द्विवेदी मौके पर पहुंची तो सामने एक हजार से अधिक छात्रों का जमावड़ा लगा था। छात्र पुलिस के पहुंचने के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं हो रहे थे। अंधेरे के कारण भीड़ का सही से अंदाजा लगाने में भी पुलिस को दिक्कत पेश आई। सामने से बवाल हो रहा था लेकिन बैकअप नदारद था।
डॉक्टर विवेक का आरोप है कि जौनपुर का रहने वाला अख्तर अली किराया नहीं दे रहा था, उसने सप्ताह भर पहले एक अन्य युवक को भी अपने कमरे में टिका लिया था। इस बात पर उन्होंने एतराज जताया था लेकिन वह इसे नजरअंदाज करता रहा। उसके कमरे में रहने वाले कौन हैं, उसकी उन्होंने आईडी भी मांगी लेकिन उसने इसे जमा नहीं करा रहा था। वह कमरा खाली करने को कहते थे तो वह टालमटोल करता रहा। उन्होंने पुलिस से पिटवाने की बात से इंकार किया।
अख्तर अली का कहना है कि उसके साथ डॉक्टर ने घर में मारपीट की थी। बाद में एक कार में दरोगा आया था जो कर्नलगंज में तैनात नहीं है। वह उसको साथ में ले गया और चौकी में ले जाकर पीटा। हालांकि पीटने वाले दरोगा के बारे में छात्र कोई जानकारी नहीं दे सके। यह भी बताया गया कि एनी बेसेंट के चौकी प्रभारी छुट्टी पर हैं। छात्र पुलिस से उस दरोगा को गिरफ्तार करने की मांग करते रहे।
एसपी सिटी राजेश यादव जब रात में छोटा बघाड़ा पहुंचे तो पुलिस तैयारी की पोल खुल गई। उन्होंने छात्रों से बात करने के लिए लाउडस्पीकर मांगा तो पुलिस वाले बगलें झांकने लगे। उन्होंने वायरलेस कर लाउडस्पीकर मंगवाया और छात्रों को चेतावनी दी कि अगर वह अपने कमरों में नहीं लौटे तो पुलिस सख्ती करेगी।
बवाल करने वालों ने अंधेरे में जमकर हाथ सेंके। जब तक लाइट नहीं आ गई, छात्र पुलिस वालों पर रुक-रुककर पत्थर भी फेंकते रहे। बवाल की आशंका के मद्देनजर देर रात तक फोर्स नहीं हटाई गई थी। दोनों पक्षों ने कोई तहरीर नहीं दी थी। पुलिस ने किसी को हिरासत में भी नहीं लिया था।
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