मंसूराबाद। नवाबगंज इलाके के उपाध्याय का पूरा गांव में दूसरी रात भी पथराव और हंगामा होता रहा। दलित बस्ती के घरों पर रात में दो घंटे तक ईंट और पत्थर फेंक जाते रहे। ऐसे में बस्ती के लोग गांव के दूसरे हिस्से में चले गए थे। पुलिस की मौजूदगी में यह सब होता रहा। पुलिस ने दूसरे गुट के लोगों की तरफ से दलित बस्ती वालों के खिलाफ दो मुकदमे लिखे हैं। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई। गांव में तनाव बरकरार है।
सम्हई गांव में रविवार शाम दलित बस्ती के छह साल के बालक लकी द्वारा मुख्तार के बगीचे से अमरूद तोड़ने के बाद से बवाल मचा है। दलित और दूसरे पक्ष के लोगों ने एक-दूसरे के घरों पर हमला बोलकर तोड़फोड़ की। मारपीट में भी कई लोग जख्मी हुए। एक बुजुर्ग महिला चौबी देवी की बीमारी से मौत पर हत्या का हल्ला मच गया। हालांकि पीएम रिपोर्ट से साफ हो गया कि वह सेप्टीसीमिया के चलते चल बसी थी। दो गुटों में टकराव के बाद से गांव के बगीचे में पुलिस बल तैनात है। तब भी सोमवार रात आठ से दस बजे तक दलित बस्ती पर जमकर पथराव किया गया। घरों में मौजूद लोग निकलकर दूर चले गए। दस बजे पथराव थमने के बाद पुलिसवाले आए। अब वहां तनाव के बीच माहौल शांत है। इस मामले में बाग मालिक मुख्तार के अलावा समीउल्ला ने भी दलित बस्ती के लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराए हैं। दलित बस्ती की ओर से एक मुकदमा चौबी देवी की मौत में लिखा गया था। पुलिस का कहना है कि छानबीन की जा रही है। बवाल करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
महज एक अमरूद तोड़ने पर ऐसा बवाल कि दो दिन से सम्हई में लोग दहशत में हैं। दलित बस्ती में रहने वाले वृक्षलाल सरोज का छह साल का पुत्र लकी भी बेहद सहमा दिखा। रविवार शाम लकी ने ही मुख्तार के बगीचे से आम तोड़ा तो उसके बेटे इमरान ने पिटाई कर दी थी। फिर झगड़ा बढ़ता गया जिसमें तीन मुकदमे लिखे जा चुके हैं। दलित बस्ती के ज्यादातर पुरुष मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद से भागे हैं।