इलाहाबाद। मंडलायुक्त बादल चटर्जी की सख्ती से जार्जटाउन नाले की सफाई का कार्य तीसरे दिन भी जारी रहा लेकिन यह कार्य स्थानीय लोगों के सामने राहत की उम्मीदों के साथ दिक्कतें भी खड़ी कर रहा है। अब तक नौ सौ मीटर तक नाले की सफाई का कार्य पूरा हो गया है। परंतु, कच्चे-पक्के इस नाले से मलबा और सिल्ट की खुदाई के कारण किनारे पड़ने वाले मकानों के रास्ते बंद हो रहे हैं। कई स्थानों पर आने-जाने का रास्ता रुकने पर स्थानीय लोग विरोध भी जता रहे हैं। इसके कारण जगह-जगह नाले में ही मिट्टी और मलबा पड़ा हुआ है।
जवाहरलाल नेहरू रोड मोड़ से अमरनाथ झा मार्ग की ओर के जार्जटाउन नाले की सफाई का कार्य तीन दिन पहले शुरू हुआ। दशक भर बाद इसकी सफाई शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताई। लेकिन नाले की खुदाई ने मुसीबतें भी खड़ी कर दीं। तीसरे दिन भी 200 मीटर की दूरी तक नाला साफ किया गया। इसमें कई स्थानों पर 15-20 फिट की दूरी तक नाला पूरी तरह से क्षतिग्रस्त मिला। पक्के नाले का वजूद नहीं है। कच्चा होने के कारण इसके किनारे पड़ रहे मकानों और दुकानों के सामने रास्ते बंद हो गए हैं।
उधर, अतिक्रमण प्रभारी एसएल यादव व निरीक्षक पीयुष मोहिले के नेतृत्व में मोसीवाई चिंतामणि रोड और एएन झा मार्ग क्रासिंग पर 20 साल बाद खोले गए नाले की बृहस्पतिवार को स्वीपिंग मशीन से तल्ली तक सफाई कराई गई। इससे पानी का बहाव पूरी तरह खुल गया। यहां पर सड़क पर फैले मलबा और मिट्टी को हटाने का काम भी किया गया। स्थानीय लोगों की मांग है कि नगर निगम बारिश के पहले नाले को पूरी तरह पक्का बनाए और मकानों में आने-जाने का रास्ता मुहैया कराए।