इलाहाबाद। खीरी थाने के दरोगा रामजियावन पाल (55) पर बृहस्पतिवार शाम पप्पू केसरवानी नाम के व्यक्ति ने चापड़ से हमला कर दिया। वह अपनी पत्नी के अपहरण के मामले में दो महीने से दरोगा की टालमटोल से बौखलाया था। चापड़ के वार में दरोगा की कनपटी और सिर पर गहरा घाव हो गया। हमले के बाद भाग रहे पप्पू को दौड़ाकर एक होमगार्ड ने दबोच लिया। घायल दरोगा निजी हॉस्पिटल में भर्ती है। घटना को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी भी खीरी थाने पहुंच गए। पुलिस अफसर कह रहे हैं कि हमलावर पप्पू की दिमागी हालत खराब है जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि वह पत्नी के अपहरण और दरोगा के रवैये से बेहद नाराज था।
उपनिरीक्षक रामजियावन पाल शाम करीब छह बजे खीरी थाने से निकलकर करीब दो सौ मीटर दूर चौराहे पर पहुंचकर खड़े हुए तभी 45 वर्षीय फूलचंद्र केसरवानी उर्फ पप्पू ने पास आकर उन पर चापड़ से वार किया। चापड़ के प्रहार से उनकी कनपटी और सिर पर गहरा घाव हुआ। पाल लहूलुहान होकर गिरे तो आसपास खड़े लोगों ने उन्हें संभाला। वहां मौजूद होमगार्ड शीतला दुबे भाग रहे हमलावर पप्पू केसरवानी के पीछे दौड़ा। कुछ दूर बेलन नहर के पास उसने लोगों की मदद से पप्पू को दबोच लिया। घायल दरोगा को शहर में एक निजी हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां डीआईजी और एसपी क्राइम समेत कई अफसर पहुंच गए। सिर और कनपटी पर गंभीर चोट की वजह से दरोगा की हालत गंभीर बनी है। बेहतर इलाज का निर्देश देकर डीआईजी भगवान स्वरूप श्रीवास्तव खीरी थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने पकड़े गए पप्पू केसरवानी से बात की। खीरी कस्बे का पप्पू रिक्शा चलाकर पत्नी और तीन बच्चों के साथ गुजारा कर रहा था। चार महीने पहले उसकी पत्नी का अपहरण हो गया। उसने एक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की तो 14 मई को रिपोर्ट लिखने के बाद पुलिस ने कुछ नहीं किया। वह अक्सर थाने जाता मगर जांच अधिकारी रामजियावन पाल उसे टरका देते थे। पत्नी के अपहरण और पुलिस की टालमटोल से पप्पू की दिमागी हालत खराब होती गई। गुस्से में उसने यह हरकत कर डाली। घायल दरोगा रामजियावन बांदा जिले के मूल निवासी हैं। खीरी से पहले वह सरायइनायत थाने में तैनात थे। उनकी हालत पर पुलिस अधिकारी लगातार नजर रखे हुए हैं। पप्पू को दौड़ाकर पकडऩे वाले होमगार्ड शीतला दुबे को डीआईजी ने पांच सौ रुपये का नगद इनाम दिया और प्रशस्त्रि पत्र भी देने की बात कही।