इलाहाबाद। आम बजट 2014-15 की तैयारी शुरू होते ही कर्मचारियों ने भी पेशबंदी शुरू कर दी है। कर्मचारी संगठनों ने वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर आम बजट में पांच लाख रुपये तक के वेतन को आयकर के दायरे से बाहर रखने की मांग उठाई है। पेंशनर्स के लिए यह सीमा सात लाख रुपये रखने की मांग है। बोनस एक्ट में संशोधन कर रेल कर्मियों के लिए 10 हजार रुपये की सीमा तय करने, नई पेंशन योजना को बंद करने के मुद्दे भी उठाए गए हैं। एनएफआईआर का दावा है कि बजट में इसके उपाय किए गए तो इसका लाभ 34 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा। इलाहाबाद में भी कर्मचारियों की बड़ी संख्या है। मोदी सरकार कर्मचारियों की इन मांगों को पूरा करती है तो हजारों परिवारों में यहां भी खुशियां झलकेंगी।
आम बजट 15 जुलाई तक संभावित है। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन के महासचिव एम. राघवैय्या ने भी पत्र लिखकर महंगाई से जूझ रहे कर्मचारियों के लिए राहत की गुहार लगाई है। एनसीआर इंप्लाइज संघ के महामंत्री आरपी सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार ने आम बजट में आयकर छूट की सीमा में इजाफा किया तो इसका लाभ केंद्र ही नहीं, राज्य कर्मचारियों को भी मिलेगा। मौजूदा सीलिंग के कारण ग्रुप डी कर्मचारी भी अब आयकर अदा कर रहे हैं, जो उनके लिए बोझ है। इससे कर्मचारियों को महंगाई से दो-दो हाथ करने में थोड़ी आसानी हो जाएगी।