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निर्मल गंगा की मॉनिटरिंग का केंद्र बने संगमनगरी

Tue, 17 Jun 2014 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। निर्मल गंगा को लेकर मोदी सरकार की सक्रियता से गंगा से जुड़ी संस्थाओं में नया उत्साह जगा है। गंगा के लिए निरंतर सक्रिय संस्था ग्लोबल ग्रींस ने निर्मल गंगा की मॉनीटरिंग के लिए संगमनगरी को केंद्र बनाने और गंगा मंत्रालय का कैंप कार्यालय इलाहाबाद में स्थापित किए जाने की मांग की है। ‘ट्वंटी प्वाइंट प्रोग्राम’ के साथ तैयार इस आशय के प्रस्ताव के तहत इलाहाबाद को केंद्र मानते हुए इसके संचालन की जिम्मेदारी भी केंद्र के अधीन रखने का सुझाव दिया गया है, ताकि गंगा से जुडे़ कामों में समन्वय रहे।
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‘ट्वंटी प्वाइंट प्रोग्राम’ में राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण का पुनर्गठन करके गंगा मंत्रालय में मिलाने सहित मंत्रालय के सदस्य को प्रभारी बनाया जाना शामिल है। कैंप का कार्यक्षेत्र कानपुर से लेकर काशी तक हो। संगम तट पर नियमित सफाई के लिए इसे मनरेगा से जोड़ने का भी सुझाव है। कहा गया है कि गंगा के दोनों ओर खुले शौच पर रोक लगे, गंगा तट के करीब हरित शौचालयों का विकास करते हुए सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया जाए। प्रदूषण मुक्ति के लिए डॉल्फिन और कछुओं के संरक्षण की योजना और गंगा-यमुना दोनों के तटों पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी शामिल है।
यह भी कि प्रत्येक स्थिति में रीवर और सीवर को अलग करने सहित गंगा-यमुना में गिरने वाले सभी छोटे-बड़े नालों पर अविलंब रोक लगे। शोधित या अशोधित किसी भी प्रकार का जल गंगा में न डाला जाए। शोधित जल को सिंचाई कार्यों के लिए प्रयोग में लाया जाए। निर्मल गंगा के लिए गंगा रक्षक दल का गठन हो और इस कार्य से कई स्वैच्छिक संगठनों को भी जोड़ा जाए। संस्था के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक स्थानीय सांसदों की संस्तुति के साथ जल्द ही संस्था का प्रतिनिधिमंडल गंगा मंत्रालय की मंत्री उमा भारती और प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें ‘ट्वंटी प्वाइंट प्रोग्राम’ सौंपेगा और इलाहाबाद में कैंप कार्यालय की मांग करेगा।
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