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पश्चिम में हाईकोर्ट की बेंच बनाने को लेकर याचिका

Wed, 04 Dec 2013 05:40 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बनाने को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य रोहिताश्व कुमार अग्रवाल द्वारा दाखिल की गई है। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता रवि किरन जैन बहस करेंगे। याचिका मंगलवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति एसके सिंह और न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल की खंडपीठ के समक्ष प्रस्तुत की गई। याची के अधिवक्ता के अनुरोध पर इसे सोमवार को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। सोमवार को इस पर मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सुनवाई की संभावना है।
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श्री जैन के मुताबिक याचिका में आधार लिया गया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच की मांग को लेेकर पश्चिमी यूपी और इलाहाबाद के वकील अक्सर हड़ताल पर रहते हैं जबकि सुप्रीमकोर्ट ने वकीलों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। इस विवाद के रहते सुप्रीमकोेर्ट के उक्त आदेश को उत्तर प्रदेश में लागू नहीं किया जा सकता है। दूसरे राज्य पुनर्गठन अधिनियम में यह प्रावधान है कि एक राज्य में हाईकोर्ट की प्रधान पीठ और उसकी खंडपीठें होंगी। उत्तर प्रदेश, बिहार तथा जम्मू और कश्मीर को छोड़कर अन्य सभी राज्यों पर यह अधिनियम लागू होता है। बिहार और जम्मू तथा कश्मीर हाईकोर्ट की खंडपीठ भी बन चुकी है। उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा राज्य है। जसवंत कमीशन की रिपोर्ट में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों के लिए खंडपीठ बनाने तथा बरेली और मुरादाबाद डिवीजन को लखनऊ खंडपीठ से जोड़ने की बात कही गई है। याचिका में कहा गया है कि उत्तराखंड राज्य बनने के बाद यहां 35 हजार मुकदमे स्थानांतरित हुए थे। तीन वर्षों में उनका निस्तारण हो गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में 10 लाख से अधिक मुकदमे लंबित हैं। यहां 160 जजों के स्वीकृत पद हैं। मूलभूत ढांचा उपलब्ध नहीं है। खंडपीठ बनने से मुकदमों के निस्तारण में तेजी आएगी। याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।
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