इलाहाबाद। गली-गली गूंजते नौहा, मातम के साथ गमे हुसैन में रविवार को कदीमी बुड्ढा ताजिया भी शामिल हुआ। माहे मुहर्रम की पांच तारीख को पैगंबरे इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हसन ने इस्लाम केहक में करबला में शहादत दी थी। इस मौके पर इलाहाबाद ऐतिहासिक मुहर्रम कमेटी की ओर से भूसा गोदाम मरकरी चौराहे से ताजियादार मुहम्मद शमीम की सरपरस्ती में मेहंदी का जुलूस उठाया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों के साथ बच्चों और महिलाओं ने भी मौजूदगी दर्ज कराई। मेहंदी को कांधा देने और बोसा लेने के लिए अकीदतमंदों केबीच होड़ मची रही। पूरे रास्ते नारे भी बुलंद होते रहे।
निर्धारित वक्त पर निकला जुलूस कदीमी रास्तों हरी मस्जिद, गुड़िया तालाब, मजार से वापस मरकरी चौराहा, नूरुल्लाह रोड, छोटे मियां की कोठी, बुड्ढा ताजिया से नूरुल्लाह रोड बैरियर तक जाकर वापस बुड्ढा ताजिया इमामबाड़े पर लाकर रखा गया। मेहंद की अगुवाई महासचिव मोहम्मद हफीज खां, डॉ.असलम, मुहम्मद फैजल, मजहरुल हक, आमिर हुसैन, मोहम्मद शोएब, हसनैन, सरदार अजीत सिंह अनिल कुमार गुप्ता अन्नू भइया, निसार खां, मुहम्मद याहिया खां आदि शामिल थे।
कमेटी केमुख्य सचिव और प्रवक्ता डॉ.असलम के मुताबिक 11 नवंबर, मुहर्रम की छह तारीख को ताजियादार मजहरुल हक की सरपरस्ती में कोलहन टोला इमामबाड़े से शाम छह बजे अलम का जुलूस उठाया जाएगा। वहीं डॉ.मुहम्मद असलम की सरपरस्ती में रात 11 बजे गुलाब चूने वाले के ढाल से कोलहन टोले की मेहंदी उठाई जाएगी। केपी कक्कड़ रोड़ से शाम छह बजे मोहम्मद यासीन की सरपरस्ती में अलम का जुलूस निकाला जाएगा। तारा बाबू गली की मेहंदी बहादुरगंज स्ेिथत गज्जू बज्जू इमामबाड़े से रात 11 बजे उठेगी। ताजियादार मोहम्मद अकील की सरपरस्ती में शाम पांच बजे अलम बरनतला का जुलूस निकाला जाएगा। वहीं ताजियादार कैसर की सरपरस्ती में अकबरपुर का अलम का जुलूस शाम पांच बजे उठाया जाएगा।