इलाहाबाद (ब्यूरो)। सरकार सैकड़ों योजनाओं पर हर साल अरबों रुपये खर्च कर रही है लेकिन प्रबंधन और मॉनीटरिंग की कमी के कारण लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पा रहा। योजनाओं के सुचारु रूप से संचालन और बेहतर मॉनीटरिंग के लिए सरकार ने अब एमबीए उत्तीर्ण छात्रों की मदद लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिला प्रबंधक और ब्लॉक प्रबंधक जैसे पदों पर नियुक्तियां भी शुरू कर दी गई हैं। हाल ही में लागू की गई राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना के तहत इस व्यवस्था की शुरुआत की गई है।
एनआरएलएम को स्वर्ण जयंती ग्रामीण स्वरोजगार योजना की जगह लागू किया गया है, जिसके तहत सिर्फ महिलाओं के समूहों को योजना का लाभ दिया जाएगा। खुद का रोजगार शुरू करने के लिए समूह को ऋण मुहैया कराया जाएगा। अगर समूह नियमित रूप से लिए गए ऋण की किस्त अदा कर रहा है तो ऋण पर लगने वाला ब्याज माफ कर दिया जाएगा। साथ ही कई अन्य सहूलियतें भी दी जाएंगी। यह योजना महिला सशक्तिकरण के तहत शुरू की गई है, सो सरकार ने इस पर गंभीरता से काम शुरू कर दिया है। योजना की बेहतर मॉनीटरिंग और प्रबंधन के लिए सरकार ने जिला मैनेजर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। जिला मैनेजर पद पर सिर्फएमबीए उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को रखा जाएगा। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी, जिसके लिए एमबीए या एमएसडब्ल्यू उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का ही चयन किया जाएगा। जिला और ब्लॉक मैनेजर के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इलाहाबाद के कोरांव ब्लॉक में इस योजना को अभियान के रूप में लागू किया जा रहा है, सो जिला मैनेजर के साथ शुरुआत में कोरांव ब्लॉक मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। बाद में अन्य ब्लॉकों के मैनेजर भी नियुक्त किए जाएंगे।