इलाहाबाद (ब्यूरो)। स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में अपने गौरवशाली 150 वर्ष पूरा करने पर डाक विभाग की ओर से ब्वायज हाई स्कूल (बीएचएस) पर मंगलवार को प्रदेश के राज्यपाल बीएल जोशी ने डाक टिकट जारी किया। डाक टिकट जारी करने के साथ ही राज्यपाल ने बच्चों में मूल्य आधारित शिक्षा की स्थापना पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता की घटना रोककर ही हम बच्चों में नैतिक मूल्यों के क्षरण को रोक सकते हैं। राज्यपाल को डाक सेवा बोर्ड एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सदस्य कर्नल कमलेश चन्द्रा ने डाक टिकटों का एलबम भेंट किया।
ब्वायज हाई स्कूल में आयोजित समारोह में राज्यपाल बीएल जोशी ने स्कूल के इतिहास से जुड़ी सुखद स्मृतियों को संजोने के साथ ही यहां के नामी पुराछात्रों को याद किया। बीएचएस पर डाक टिकट जारी करने की भारतीय डाक विभाग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह स्कूल धरोहर बन गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं स्थानीय प्रशासन से ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर डाक विभाग को देने को कहा जो गौरवशाली परंपरा के वाहक हैं।
डाक टिकट जारी करने के बाद राज्यपाल ने कहा कि आज के बदलते दौर में बच्चों में मूल्य आधारित शिक्षा में गिरावट आ रही है। उन्होंने गिरते शैक्षिक स्तर और अनुशासन की कमी पर सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा कि हाल में अनुशासनहीनता की घटनाएं बढ़ी हैं। राष्ट्र निर्माण के लिए उन्होंने मूल्य आधारित शिक्षा पर बल दिया।
डाक सेवा बोर्ड के सदस्य कर्नल कमलेश चन्द्रा ने बीएचएस की ऐतिहासिक परंपराओं को याद करते हुए कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था में योगदान को देखते हुए डाक विभाग ने यह डाक टिकट जारी करने का निर्णय लिया है। उन्होंने युवा पीढ़ी को इन डाक टिकटों में छिपी सभ्यता और संस्कृति से सीख लेने की बात कही। डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पांच रुपये का यह टिकट 4.10 लाख प्रतियों में छापा गया है। उन्होंने इस डाक टिकट की महत्ता को रेखांकित किया। इसके पूर्व इलाहाबाद हाई स्कूल सोसाइटी के चेयरमैन कॉलिन सी थ्योडोर ने राज्यपाल का स्वागत किया। डाक टिकट जारी किए जाने के बाद बड़ी संख्या में डाक प्रेमियों ने राज्यपाल से डाक टिकट पर हस्ताक्षर करवाकर इसे धरोहर के तौर पर रख लिया। बीएचएस के प्रधानाचार्य डीए ल्यूक ने राज्यपाल, डाक विभाग के सदस्य एवं चीफ पोस्ट मास्टर जनरल आशुतोष त्रिपाठी, पीएमजी एमई हक, डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव को स्मृति चिन्ह भेंटकर उनका स्वागत किया।