इलाहाबाद (ब्यूरो)। शंकरगढ़ क्षेत्र में सिलिका सैंड के अवैध खनन को रोकने के मामले में हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साफ किया है कि बालू खनन को लेकर सुप्रीमकोर्ट के निर्देशों का पालन होना चाहिए, जिसमें पर्यावरण विभाग की मंजूरी प्राप्त करना अनिवार्य है। अवैध खनन के संबंध में पांच अधिकारियों द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति विक्रमनाथ की खंडपीठ ने सरकार से अनुपालन रिपोर्ट मांगी है। रानी शंकरगढ़ राजेंद्र कुमारी के पट्टे की जमीन से जब्त किए गए सिलिका सैंड को रिलीज के संबंध में कोर्ट ने डीएम को अपने स्तर से निर्णय लेने का अधिकार दिया है। कहा है कि गाजियाबाद की घटना को दोहराया नहीं जाना चाहिए। गाजियाबाद में जब्त किया गया बालू चोरी हो गया और प्रशासन ने प्राथमिकी दर्ज कराकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली थी। जब्त की गई बालू सिक्योरिटी लेकर रिलीज करने पर विचार किया जा सकता है।
कमिश्नर हिमांशु कुमार के तबादले पर न्यायालय ने यह कहते हुए कोई आदेश नहीं दिया किया कि तब से अब तक कई मंडलायुक्त आए और चले गए इसलिए इस प्रकरण को अब यहीं छोड़ देना चाहिए। ओमदत्त की ओर से दाखिल याचिका पर कोर्ट ने प्रदेश सरकार को कार्रवाई करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है। याचिका पर सात अक्टूबर को सुनवाई होगी।