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-बीटेक छात्रा नेहा पर हमले के तीसरे दिन भी विरोध-प्रदर्शन का दौर जारी

Sat, 31 Aug 2013 05:35 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। सिरफिरे आशिक द्वारा इविवि के जेके इंस्टीट्यूट की बीटेक छात्रा नेहा कुमारी को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की घटना से दुखी छात्राओं और महिला संगठनों में गुस्सा बरकरार है। बृहस्पतिवार को भी विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहा। दोपहर में स्त्री मुक्ति लीग और शहीद भगत सिंह विचार मंच की ओर से जलूस निकाला गया तो शाम को हॉस्टल की छात्राओं ने कैंडल मार्च निकाल कर छात्राओं-युवतियों के उत्पीड़न, शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की। छात्राओं ने यूनियन हॉल से लेकर बालसन चौराहे तक जोर-जबरदस्ती के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
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बीटेक छात्रा नेहा पर हमले की वारदात ने लोगों को झकझोरा तो छात्राओं के खून में उबाल ला दिया है। बृहस्पतिवार को स्त्री मुक्ति लीग और शहीद भगत सिंह विचार मंच के कार्यकर्ताओं ने इविवि के कला संकाय से जुलूस निकाला। यूनियन हॉल, वीसी कार्यालय, अंग्रेजी विभाग होते हुए जुलूस अर्थशास्त्र विभाग पर जाकर थमा। इस दौरान नुक्कड़ नाटक और पर्चों के जरिए छात्र-छात्राओं को जागरूक करने का प्रयास किया गया। जुलूस में शामिल लीग की नीशू, प्रतिभा, विवेक, प्रसेन, अंगद, पवन आदि ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और महिला छात्रावासों पर पुलिस को सुरक्षा बढ़ानी चाहिए।
पीड़ित छात्रा नेहा कल्पना चावला छात्रावास की हैं। उस पर हमले से वीमेंस हॉस्टल की छात्राओं में गहरी नाराजगी है। बृहस्पतिवार शाम भी हॉस्टल की छात्राओं ने विश्वविद्यालय की महिला सलाहकार परिषद (वैब) की अध्यक्ष रंजना कक्कड़ और इविवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष शालू यादव के नेतृत्व में हॉस्टल से हाथों में मोमबत्ती और नारे लिखी तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। हॉस्टल से छात्राओं का जुलूस यूनियन ह़ॉल पहुंचा। वहां कुछ देर ठहरने के बाद छात्राएं महिलाओं के शोषण, उत्पीड़न, अन्याय के खिलाफ नारे लगाते विश्वविद्यालय मार्ग से कर्नलगंज थाना, आनंद हॉस्टल के सामने से बालसन चौराहा तक पहुंची। छात्राओं ने नारों के जरिए कहा कि अब वे अत्याचार नहीं सहेंगी। उत्पीड़न और अत्याचार का मुंहतोड़ जवाब दिया जाना जरूरी हो गया है। चौराहे पर कुछ देर रुकने के बाद छात्राओं का जुलूस वापस हॉस्टल लौट गया। छात्राओं का नेतृत्व कर रही प्रो. रंजना कक्कड़, पद्मा सिंह, शालू यादव आदि ने हॉस्टलों के आसपास पुलिस फोर्स की सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया।
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बीटेक छात्रा नेहा कुमारी को मंगलवार दोपहर वीमेंस हॉस्टल के सामने लल्ला चुंगी तिराहे पर पेट्रोल से भीगी जलती टी-शर्ट डालकर जिंदा जलाने की कोशिश करने वाले पटना के विश्रांत यादव उर्फ मुन्ना के बारे में बिहार पुलिस से भी जानकारी ली जा रही है। पटना में पॉलीटेक्निक के छात्र विश्रांत की सरेआम इस कारगुजारी से पुलिस भी हतप्रभ है। इंस्पेक्टर कर्नलगंज एमएस देव का कहना है कि ऐसी हरकत करने वाले विश्रांत के बारे में शक है कि वहां भी उसने आपराधिक कारनामे किए होंगे। पूछताछ के दौरान उसकी मानसिकता अपराधियों जैसी लगी। वह मारने और मर जाने की बात कर रहा था। उसे धारा 307 और 326 (क) के तहतमुकदमा लिख अदालत के आदेश पर बुधवार को ही जेल भेज दिया गया था। उसके खिलाफ एनएसए के तहत भी कार्रवाई होगी।
एसआरएन अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद पीड़ित बीटेक छात्रा नेहा कुमारी सिंह (नाम काल्पनिक) का इलाज एलनगंज के अल्का हॉस्पिटल में हो रहा है। एसएसपी उमेश श्रीवास्तव ने उसे 15-20 फीसदी झुलसी बताया था जबकि निजी हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने 30 फीसदी से ज्यादा बर्न की जानकारी दी। बहरहाल, नेहा की स्थिति में पहले से सुधार है। बुधवार को नेहा के माता-पिता भी पटना से आ गए थे। उनके साथ ही जेके इंस्टीट्यूट के कई छात्र भी लगातार अस्पताल में बने रहते हैं।
मंगलवार दोपहर छात्रा नेहा पर हमले की घटना के बाद से वीमेंस हॉस्टल पर पुलिस और पीएसी का पहरा है। बृहस्पतिवार को भी पीएसी के साथ ही पुलिस की टुकड़ी और गश्ती बाइक चीता हॉस्टल के पास मुस्तैद रही। एसएसपी उमेश श्रीवास्तव ने इस घटना के बाद हॉस्टल गेट और लल्ला चुंगी तिराहे पर चार सीसी कैमरे लगाने, शाम चार से नौ बजे तक महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का आदेश दिया है।
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