इलाहाबाद। रमजान में करेलीवासी बिजली-पानी को तरस गए। करेली में एक ट्रांसफार्मर पहले से बिगड़ था, शुक्रवार को दो और ट्रांसफार्मर भी फुंक गए। इससे क्षेत्र के बड़े हिस्से में बिजली-पानी का संकट खड़ा हो गया। बिजली-पानी के लिए तरस रोजदारों का गुस्सा भड़का तो सीधे करेली उपकेंद्र पहुंच गया। विरोध में प्रदर्शन किया। इस बीच कुछ लोगों की कर्मचारियों से झड़प भी हुई। हालांकि हंगामे के बाद भी देर रात तक हालात बदतर बने रहे।
करेली में एक हफ्ते के दौरान पांच ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। बिसमिल्लाह चौराहे के पास और अकबरपुर में फुंके ट्रांसफार्मरों को बदला जा चुका है। अकबरपुर में गूलर के पेड़ के पास फुंका ट्रांसफार्मर अब तक नहीं बदला गया। शक्रवार की रात अबूबकर मस्जिद और पुराना गौस नगर में दो ट्रांसफार्मर और फुंक गए। तीन ट्रांसफार्मरों के फुंकने से सैकड़ों घरों में अंधेरा छा गया। शनिवार सुबह भी बिजली नहीं आई तो नलकूप बंद हो गए और क्षेत्र में पानी की किल्लत हो गई। शाम को नमाज के वक्त भी बड़े हिस्से में अंधेरा छाया रहा। दोपहर में दर्जनों लोग करेली सब स्टेशन पहुंच गए और विरोध में प्रदर्शन किया। बिजली कर्मियों से उनकी झड़प भी हुई लेकिन भीड़ बढ़ने पर कर्मचारी सब स्टेशन छोड़ भाग खड़े हुए। देर रात तक सब स्टेशन के बाहर भीड़ लगी रही। कल्याणी देवी खंड के अधिशासी अभियंता बीडी सिंह ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र को बिजली देने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। उधर, जार्जटाउन और टैगोरटाउन के भी कुछ हिस्से में भी शुक्रवार को दिन भर बिजली की आंख मिचौली जारी रही।
टैगोर टाउन में शनिवार को बकाएदारों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान काफी हंगामा हुआ। बकाए पर कनेक्शन काटे जाने पर उपभोक्ता बिजली विभाग की टीम से उलझ पड़े। काफी देर तक दोनों पक्षों में बहस होती रही लेकिन अफसर नहीं माने और बकाएदारों की बिजली काट दी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट परिसर में शनिवार को भी पूरे दिन जेनरेटर चलते रहे। बकाए बिल का भुगतान न होने पर बिजली विभाग ने कनेक्शन नहीं जोड़ा। अधिशासी अभियंता पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि बकाए का भुगतान नहीं हुआ तो विवि के अन्य भवनों की बिजली भी काट दी जाएगी।