इलाहाबाद। बारा के थानेदार आरपी द्विवेदी की गोली मारकर हत्या के बाद से फरार तीन मुख्य अपराधियों की गिरफ्तारी पर पुलिस अफसरों ने चुप्पी साध रखी है। कल्लू तिवारी के भोपाल में दबोचे जाने की खबर पर भी अफसर कुछ भी बताने से मना कर रहे हैं। उसके साथियों अरुण द्विवेदी उर्फ फुल्ला और रवि मद्रासी की तलाश में भटक रही पुलिस और तमाम टीमों को अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। यही हाल लूटी गई कार के बारे में है।
इस वारदात को अब नौ दिन गुजर चुके हैं लेकिन पुलिस बदमाश कंपनी के सभी अपराधियों की गिरफ्तारी में नाकाम रही है। लूटी गई इंडिगो कार की बरामदगी में पुलिस को अब तक सफलता नहीं मिल सकी है। पुलिस ने इस गिरोह के सदस्य आदेश यादव और शरणदाता पवन मालवीय को गिरफ्तार किया है लेकिन मुख्य आरोपी अमित तिवारी उर्फ कल्लू और अरुण द्विवेदी सहित रवि मद्रासी को नहीं दबोचा जा सका है। शनिवार को खबर मिली कि एसटीएफ ने अमित तिवारी उर्फ कल्लू को भोपाल के पास दबोच लिया है लेकिन रविवार को इस बारे में अफसरों ने कुछ भी नहीं बताया। ऐसे में इस गिरफ्तारी पर भी रहस्य बना है। पुलिस की छह टीम अब भी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में भटक रही है। एसटीएफ की भी तीन टीम लगी है। पुलिस के सामने गिरफ्तारी के साथ ही लूटी गई इंडिगो कार की बरामदगी की भी चुनौती है। पुलिस ने चार दिन पहले मध्य प्रदेश के सतना से एक इंडिगो कार बरामद की थी लेकिन बाद में पता चला कि यह वो कार नहीं थी। ऐसे में इस बरामद लावारिस कार को भी लेकर रहस्य बना हुआ है।