इलाहाबाद। नगर निगम के एक कर्मचारी की इलाज के अभाव में जान चली गई। हृदय रोग से पीड़ित इस कर्मचारी की बृहस्पतिवार को बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगाई गई थी। निगम के कर्मचारियों का मई का वेतन अब तक नहीं मिला है, जिसकी वजह से उनके सामने उपचार की समस्या खड़ी हो गई है। कर्मचारी के निधन के पीछे भी रकम न होने को कारण माना जा रहा है।
नगर निगम के चपरासी बेचन लाल लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित था। बृहस्पतिवार सुबह कार्यालय पहुंचने के कुछ देर बाद ही उसकी तबियत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने बेचन को अस्पताल पहुंचा जहां डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया। यह सूचना नगर निगम कार्यालय पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई। इसके बाद हुई नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष सुरेश विद्यार्थी, महामंत्री राजेंद्र पालीवाल ने कहा कि वेतन न मिलने के कारण बेचन लाल दवा नहीं खरीद पा रहा था। संभावना जताई कि इलाज के अभाव में ही उसका निधन हुआ। एसोसिएशन की मांग पर बेचन के परिजनों को तत्काल पांच हजार रुपये की मदद दी गई।
कर्मचारियों का कहना है कि वेतन मद में पर्याप्त रकम के साथ करीब चार करोड़ रुपये अतिरिक्त हैं। बावजूद इसके मई का वेतन अब तक नहीं दिया गया। वर्ष 2007 में नियमित हुए बेचन लाल को पेंशन का लाभ भी नहीं मिलेगा। परिवार में पत्नी के साथ तीन पुत्रियां हैं। शुक्रवार को महापौर अभिलाषा गुप्ता उसके घर जाएंगी। उधर, नगर आयुक्त आर विक्रम सिंह की मौजूदगी में हुई शोक सभा में दो मिनट का मौन रखकर उसकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई। सभा में कैलाश कनौजिया, बशारत हुसैन, वेद प्रकाश, आलोक संड, बैजनाथ पाल, राम लाल आदि शामिल थे।