इलाहाबाद। सांस्कृतिक केंद्र की महात्मा गांधी कला वीथिका रविवार को शिल्प और कला के विविध रूपों से समृद्ध हुई। संस्था एकता की ओर से बीस दिनी कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने जो कुछ सीखा, समझा, उसे और बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया। तीन दिनी प्रस्तुति ‘कलियां जो खिलकर महकें’ के पहले दिन वीथिका में सजे चित्रों सहित मेहंदी, रंगोली, ज्वेलरी के विविध नमूनों और फैशन डिजाइनिंग कार्यशाला में तैयार कुर्तियां लुभाती रहीं।
चित्रकला प्रदर्शनी में प्रशिक्षक सदाशिव पांडा की देखरेख में सौ से ज्यादा प्रतिभागियों की ओर से बनाए गए चित्र लगाए गए। इनमें शांति, अहिंसा, साक्षरता, पर्यावरण, एकता जैसे संदेश भी दिखे। प्रशिक्षका अलबीना अंसारी की देखरेख में रश्मि शुक्ला, दीपिका, सायराबानो, करिश्मा, प्रीति सहित सौ प्रतिभागियों ने हथेलियों पर इंडियन, गुजराती, मारवाड़ी, अरेबियन स्टाइल से मेहंदी लगाना सीखा। इन्हें छायाचित्रों के माध्यम से भी दिखाया गया।
प्रतिभागियों रश्मि शुक्ला, चित्रांगदा, सविता, दीपा, अर्पणा, अनुश्री, रक्षा, आंचल, स्नेहलता, प्रीति, ज्योति ने संगीत विषय पर आकर्षक रंगोली सजाई। डॉ.रुचि मीतल की देखरेख में सौ से ज्यादा प्रतिभागियों ने अनेक स्टाइलिश कुर्तियों को बनाने का सलीका सीखा। वहीं ज्वेलरी मेकिंग की कार्यशाला में प्रशिक्षिका दीपिका जायसवार की देखरेख में ब्राइडल ज्वेलरी के अलावा कंगल, मंगलसूत्र, बाजूबंज, ब्रासलेट, पायल को कलात्मक रूप में बनाना सीखा।
शुरुआत में न्यायमूर्ति अरुण टंडन ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। बाद में उन्होंने कहा, बच्चों के बीच कला का विकास करने का मतलब देश की कला-संस्कृति को मजबूत करना है। जब बच्चे और महिलाएं एक साथ मिलकर हुनर सीख रही हों तो निश्चित रूप से कला को नई दिशा मिलेगी। विशिष्ट अतिथि डॉ.अजय जैतली और वरिष्ठ पत्रकार अजामिल ने ‘एकता’ की कोशिश को सराहा।अतिथियों का स्वागत संस्था के केंद्रीय सचिव मनोज कुमार गुप्ता, संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी और धन्यवाद ज्ञापन महासचिव जमील अहमद ने किया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, बीएसए पीके शर्मा, डॉ.एसपी नारायण, निशा यादव, रेखा यादव, अलवीना, शहबाज, बशारत, विक्की, कमल, नित्या, खुशबू आदि शामिल थीं।
0 ‘कलियां जो खिलकर महकें’ में आज
एकता की सांगीतिक प्रस्तुति के तहत सांस्कृतिक कें द्र प्रेक्षागृह में नृ़त्य, फैशन शो, पुरस्कार वितरण शाम 6.30 बजे।