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अखंड सौभाग्य को वट साबित्री की पूजा कल

Fri, 07 Jun 2013 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। पति की लंबी उम्र और सर्वमंगल की कामना से सुहागिनें शनिवार को वट सावित्री का व्रत रखेंगी। जेठ कृष्ण पक्ष की अमावस्या स्नान, दान और श्राद्ध की भी है। पर्व पर पूजा और दान के लिए बृहस्पतिवार को सुहागिनों ने सुहाग की चीजों सहित जोड़ा पंखे, कच्चा सूत, फलों की खरीदारी की। चौक के बाजार में महिलाएं पंखों की खरीदारी के लिए मोलभाव करती रहीं।
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परंपरा के मुताबिक सभी सुहागिनों को यह व्रत रखना चाहिए। पूजा के तहत जल सहित सिंदूर, कुमकुम, पान, फल, मिठाई, जोड़ा पंखा आदि चढ़ाने के बाद वट पर सात बार कच्चा सूत लपेटा जाएगा। वैसे तो वट के मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अग्र भाग में शिव विराजमान होते हैं लेकिन वट सावित्री के दिन पूरे वट में सावित्री का ही वास होता है। ऐसे में वट के माध्यम से सावित्री से ही अखंड सौभाग्य का आशीष मांगा जाएगा। घर लौटकर सुहागिनें पंखा झलकर पति और पांव छूकर घर की बड़ी-बूढ़ियों का आशीर्वाद लेंगी। फिर कोई मीठी चीज खाकर व्रत का पारण किया जाएगा।
ग्रह नक्षत्रम ज्योतिष शोध संस्थान की अध्यक्ष ज्योतिर्विद गुंजन वार्ष्णेय के मुताबिक पंखा सहित सुहाग से जुड़ी चीजें दान करनी चाहिए। अबकी शनिवार को शनि जयंती, रोहिणी नक्षत्र, घृति योग और उच्च के चंद्रमा के दुर्लभ संयोग से यह व्रत सुहागिनों के लिए मंगलकारी है। वस्तुत: शनि, आयु का कारक ग्रह है सो शनिचरी अमावस्या को पूजा सुहागिनें के लिए विशिष्ट फलदायी होगी। अमावस्या तिथि का संचरण रात 8.53 बजे तक रहेगा, इसलिए सूर्योदय के बाद से किसी भी समय पूजा की जा सकेगी।
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