इलाहाबाद। संगम में आकर तपस्या करने वाले ही नहीं यहां की माटी में जन्मे, पले-बढ़े खाटी इलाहाबादियों ने भी आईएएस में परचम लहराया है। शुक्रवार को घोषित रिजल्ट के चयनितों में अधिकतर मूल रूप से यहीं के रहने वाले हैं। इनमें से सोमेश तो कोरांव के पथरीली पहाड़ियों तथा अभिषेक हनुमानगंज के टिकरी गांव से हैं।
आईएएस-पीसीएस जैसी प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षाओं में इलाहाबादी मेधावियों का हमेशा से दबदबा रहा है लेकिन पूर्व के चयन में अधिकतर ऐसे प्रतियोगी रहे जो किसी दूसरे जिले से आकर तैयारी करते थे। यह सिलसिला अब भी जारी है लेकिन आईएएस-2012 में चयनितों की सूची देखें तो यह परंपरा टूटी है। 53 वीं रैंक हासिल करने वाले सोमेश कोरांव हनुमानगंज गांव के हैं। दो-तीन दिनों में वह गांव पहुंचने वाले हैं। जितेंद्र शुक्ला रसूलाबाद के रहने वाले हैं तथा उनकी पूरी पढ़ाई यहीं हुई है। अल्लापुर के अजय शुक्ला ने भी स्कूली शिक्षा से हायर एजुकेशन तक की पढ़ाई यहीं से की है। 455वीं रैंक के साथ सफल होने वाले पूर्णकाम सिंह ने भी बीएचएस से स्कूली शिक्षा हासिल की है तो अंकित वर्मा, ऋचा तिवारी, नीलाभ रोहन आदि भी मूलत: यहीं के रहने वाले हैं।
आईएएस में इलाहाबाद से सफल होने वालों की सूची और लंबी हो गई है। रेलवे माल गोदाम के पूर्णकाम सिंह ने आईएएस-2012 में पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। उन्हेें 455वीं प्राप्त हुई है। कालीकट-केरल से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक पूर्णकाम ने यहीं बीएचएस से बारहवीं तक पढ़ाई की है। पिता सुरेंद्र नाथ सिंह सूबेदारगंज स्थित मंडल यातायात प्रशिक्षण केंद्र में मुख्य यातायात निदेशक तथा रेनू सिंह गृहणी हैं। पूर्णकाम का कहना है कि सफलता में बड़े पिता सेवानिवृत्त आईआरपीएस अमरेश सिंह तथा रिटायर आईएएस लल्लन सिंह का विशेष योगदान रहा।
इनके अलावा सिविल जज दिग्विजय नाथ के पुत्र नीलाभ रोहन ने भी देश की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है। जिला अधिवक्ता संघ की शनिवार को हुई बैठक में रोहन को इस सफलता के लिए बधाई दी गई। बैठक में अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, उषा मिश्रा आदि मौजूद रहे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विधि छात्र सुधीर सिंह ने भी 528वीं रैंक के साथ सफलता पाई है। यह उनका अंतिम प्रयास था। इससे पहले वह दो बार मुख्य परीक्षा में शामिल हो चुके हैं लेकिन सफलता नहीं मिली। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट की बैठक में भी आईएएस में चयनित अभिषेक सिंह को बधाई दी गई। बैठक में सैयद अजादार हुसैन, मुहर्रम अली आदि मौजूद रहे।