इलाहाबाद। यमुना को प्रदूषण मुक्त करने की पहल के तहत सोमवार को यमुना जयंती मनाई गई। इलाहाबाद से तकरीबन बीस किलोमीटर दूर यमुनापार के बीकर में जुटे पर्यावरणविदें, वैज्ञानिकों ने क्षेत्रीय निवासियों के साथ मिलकर यमुना को प्रदूषणमुक्त करने के प्रयासों की चर्चा की। यमुना और सुजावनदेव मंदिर में पूजा सहित प्रकृति से छेड़छाड़ किए बगैर क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं भी तलाशी गईं। युनाइटेड नेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत पीस इंस्टीट्यूट के सहयोग से ग्लोबल ग्रींस की ओर से क्षेत्र में एग्रो इको टूरिज्म के विकास के टिप्स सुझाए गए। अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने दावा किया कि नदी पर्यटन के विकास के साथ ही स्थानीय संस्कृति एवं पर्यावरण पर आधारित रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही संगम या बोट क्लब से लेकर सुजावनदेव तक नौकायान को भी विकसित किया जाएगा। सचिव संजय पुरुषार्थी ने योजना को जनसमुदाय से जोड़ने के लिए क्षेत्र की खूबियां बताईं।
संयोजक शरद मिश्र और पत्रकार विजय चितौरी ने सुजावनदेव में पहली बार यमुना जयंती के माध्यम से यमुना को प्रदूषणमुक्त करने के लिए जागरूकता को सराहा। वहीं प्रज्ञानम संस्था के अखिलेश मिश्र,नर्सिंग होम के निदेशक डॉ.एमआई खान, प्रशासक डॉ.एहतेशाम खान सहित प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी यमुना संरक्षण मे सहयोग का वायदा किया। जयंती समारोह में रामप्रिय राय चंदौली, राजेश निषाद बीकर, सीता देवी, नर्सिंग कालेज की प्रिंसिपल रंजना सिंह, नुजहत अफरोज, अरविंद श्रीवास्तव, विनोद मिश्र, गोविंद सक्सेना, जूही कुजूर, लक्ष्मी शंकर तिवारी,गजराज सिंह, एसके मालवीय, श्रीकुमार नायर, एके राय, प्रेमप्रकाश सिंह सहित विद्यार्थियों, क्षेत्रीय नागरिकों ने मौजूदगी दर्ज कराई। इसी क्रम में ग्लोबल ग्रींस और त्रिवेणी आरती समिति की ओर से मंगलवार को शाम साढ़े पांच बजे सरस्वती घाट पर भी यमुना जयंती मनाई जाएगी।