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हुनर की पाठशाला में तैयार हो रहे होनहार

Thu, 11 Apr 2013 05:30 AM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। साल भर पढ़ाई में अपनी काबिलियत दिखाने वाले होनहार अब हुनरमंद बनने की कोशिश में हैं। किसी को डांस का शौक है तो किसी को गिटार बजाने, गाने और नाटक करने का। कुछ कम्प्यूटर और गेम के भी शौकीन हैं। इन गर्मियों में न सिर्फ सारे शौक पूरे होंगे बल्कि हुनर की पाठशाला में बच्चे अपनी प्रतिभा भी साबित करेंगे।
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बच्चों के लिए शुरू मस्ती की पाठशाला में हुनर के कई रंग बिखरे हैं। ऐसा भी नहीं कि टाइमपास के लिए बच्चे हुनर की पाठशाला में जा रहे हैं। उनकी जिज्ञासा से साफ है कि उनमें सीखने की ललक भी है। शहर में ऐसे कई संस्थान हैं जो बच्चों के हुनर को उनकी काबिलियत बना रहे हैं। वहां मनोरंजन के साथ उनकी प्रतिभा भी निखर रही है। शहर में बाल भवन, संगीत समिति, सांस्कृतिक केंद्र, आत्मजीत डांस एकेडमी, रुचीज इंस्टीट्यूट, समर वर्कशॉप आदि की तरफ से बच्चों के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है। यहां बच्चे पेंटिंग, डांस, ड्रामा, संगीत, गिटार, सितार, कंप्यूटर, क्ले मॉडलिंग, सेल्फ डिफेंस आदि में अपना हुनर दिखा रहे हैं। बीएचएस के कक्षा तीन में पढ़ने वाले कार्तिकेय नारायण दो साल से बाल भवन संगीत सीखने आ रहे हैं। कार्तिकेय के घरवालों का कहना है कि वहां जाने से वह काफी अच्छा गाने लगा है। उसने कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और बहुत से पुरस्कार भी जीते। कक्षा सात में पढ़ने वाली अंजली त्रिपाठी पिछले छह साल से लगातार बाल भवन में पेंटिंग और डांस सीखने आ रही हैं। उन्हें हमेशा से ही डांस और पेंटिंग पसंद है। इसलिए हर साल गर्मियों में वह यहां आती हैं। वह दो बार राष्ट्रीय स्तर की पेंटिंग प्रतियोगिता में भाग ले चुकी हैं जिसमें उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त किया था।
कक्षा पांच में पढ़ने वाली प्रीती पोरवाल बताती हैं कि उन्हें गिटार बजाना काफी पसंद है। जब वह टीवी पर किसी को भी गिटार पकड़े देखती थी तो उसे भी गिटार बजाने का मन करता। पिछले दो साल से संगीत समिति में वह गिटार सीख रही है। कई बार स्कूल में स्टेज परफॉर्मेंस भी दिया है।
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सेंट जोसेफ स्कूल के दसवीं कक्षा के छात्र ऋषभ मालवीय तब से संगीत सीख रहे हैं, जब वह पहली कक्षा में थे। हर साल गर्मियों में वह संगीत समिति जाते हैं। उन्हें स्कूल एवं अन्य संस्थानों की तरफ से संगीत प्रतियोगिताओं में कई बार प्रथम पुरस्कार मिल चुका है।
रुचीज इंस्टीट्यूट की संचालिका रुची मित्तल ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गर्मियों में बच्चों के लिए समर क्लासेज शुरू हो गए हैं। बच्चों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए वह दूसरा बैच भी शुरू करने की सोच रही हैं।
जवाहर बाल भवन की संचालिका जया दास गुप्ता के मुताबिक संस्थान में हर साल गर्मियों में बच्चों के लिए स्पेशल सर्टिफिकेट वर्कशाप भी शुरू किया जाता है। बच्चों को मनोरंजन के साथ हुनर दिखाने, बढ़ाने का मौका मिलता है तो खुलकर अपनी प्रतिभा साबित करते हैं।
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