इलाहाबाद। नैनी जेल में निरुद्ध कैंसर पीड़ित कैदियों की उपेक्षा पर हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने इस मामले में प्रमुख सचिव गृह, आईजी जेल सहित केंद्रीय कारागार नैनी के प्रमुख अधीक्षक को भी तलब किया है। यह भी निर्देश दिया है कि कैंसर पीड़ित कैदियों के इलाज की तत्काल समुचित व्यवस्था की जाए। प्रकरण पर अगली सुनवाई 10 अप्रैल को होगी। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश शिवकीर्ति सिंह और न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की खंडपीठ ने दिया।
मीडिया में प्रकाशित खबर की ओर अधिवक्ता एसएफए नकवी ने अदालत का ध्यान आकृष्ट कराया, जिस पर कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि धनाभाव के चलते कैदियों के इलाज में लापरवाही एक गंभीर प्रकरण है। जेल में 14 कैदी ऐसे हैं जो कैंसर से पीड़ित हैं। उनके इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है। महंगे इलाज की व्यवस्था करने के लिए जेल प्रशासन के पास संसाधन नहीं है। याचिका में उपरोक्त अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।