इलाहाबाद। इसे अधेड़ महिला का नसीब कहें, परिजनों की बेरुखी या फिर कुछ और। महाकुंभ के दौरान जंक्शन हादसे में मारी गई अधेड़ महिला की शिनाख्त डेढ़ माह भी नहीं हो पायी है। महिला की शिनाख्त न होने की वजह से शव यूं ही लावारिस हालत में एसआरएन अस्पताल में पड़ा है, जिसकी सुरक्षा करना भी अस्पताल प्रबंधन के लिए कम मुसीबत भरा नहीं है। अब अस्पताल प्रबंधन ने मृत महिला की शिनाख्त न होने की स्थिति में अंतिम संस्कार का निर्णय लिया है।
महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के दिन जंक्शन स्टेशन पर भगदड़ होने से 37 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। हादसे के बाद तमाम मृतकों की परिजनों द्वारा शिनाख्त कर ली गई लेकिन एक अधेड़ महिला की अब तक शिनाख्त नहीं हो पायी है। ऐसे में महिला का शव लावारिस हालत में अस्पताल मोर्चरी में पड़ा हुआ है। रेलवे, पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन ने बहुत प्रयास किया लेकिन मृत महिला की शिनाख्त नहीं हो सकी। ऐसे में अब अस्पताल प्रबंधन ने महिला का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया है। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य डा. एसपी सिंह का कहना है कि चिकित्सा प्रावधानों के तहत अब परिजनों का ज्यादा इंतजार नहीं किया जा सकता है। दो दिन बाद महिला का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा।