फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छोटा सा उपहार, उसमें भी बाजीगरी

Wed, 27 Feb 2013 12:06 PM IST
इलाहाबाद/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
रेल बजट की आंकड़ेबाजी में रेल मंत्री पवन बंसल ने इलाहाबादियों को ख्वाब तो दिखाए लेकिन यह मीठी गोली की तरह है। मंत्री ने बजट घोषणा में दावा किया कि इलाहाबाद-फाफामऊ-ऊंचाहार के बीच विद्युतीकरण के कार्य अगले महीने पूरे हो जाएंगे, जबकि मौके पर हकीकत इसके विपरीत है।
विज्ञापन


इसी तरह बजट में वाराणसी से भदोही के बीच दोहरीकरण का कार्य नई घोषणा में शामिल किया गया है, जबकि इस सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य सालभर से चल रहा है।

पिछले रेल बजट में 20 खंडों में विद्युतीकरण का दावा किया गया था। इसमें इलाहाबाद, प्रयाग समेत फाफामऊ-ऊंचाहार सेक्शन और मौध-फाफामऊ सेक्शन भी है। इसमें से मौध-फाफामऊ और फाफामऊ-ऊंचाहार के बीच काम पूरा नहीं हो सका है। साथ ही फाफामऊ-प्रयाग-इलाहाबाद जंक्शन के बीच तारों का खिंचना दूर, खंभे तक नहीं लगे हैं।

रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि किसी भी हाल में मार्च में यह कार्य पूरा होना संभव नहीं है। रेल बजट के पहले केंद्रीय रेल विद्युतीकरण के अफसरों ने भी माना था कि इस पूरे हिस्से में कार्य पूरा करने में आठ महीने का वक्त लग सकता है। इस दौरान पूरी तेजी और सक्रियता बरती जाए तो संभवतऱ् नवंबर-दिसंबर तक इस सेक्शन में विद्युत इंजन लगी ट्रेनें दौड़ सकेंगी।
विज्ञापन


रेल मंत्री ने वित्त वर्ष 2013-14 में दोहरीकरण के 77 प्रस्तावित खंडों में इलाहाबाद से जुड़े चार सेक्शन भदोही-मोंध, मोंघ-सुरियावां, सुरियावां-सराय कान सराय और लोहटा-चौखंडी-सेवापुरी भी शामिल किए गए हैं। हकीकत यह है कि पिछले तीन रेल बजट के दौरान वाराणसी-लोहटा और लोहटा-भदोही सेक्शन के विद्युतीकरण की घोषणा हो चुकी है और वाराणसी-लोहटा सेक्शन में पिछले सालभर से दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। समझा जा सकता है कि बजट में रेल मंत्री ने किस कदर बाजीगरी की है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें