महाकुंभ नगर। कुंभ मेले में वैसे तो व्यवस्था बेहद कड़ी है। दूसरे जिलों की सीमा से लेकर मेले के इंट्री प्वाइंट्स तक लगातार सघन जांच हो रही है, मगर इसी बीच आतंकी हमले के खतरे का एलर्ट जारी होने के बाद पुलिस अधिकारी हलाकान हैं। जांच और सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही महाकुंभ मेले में देश भर से आए स्पाटर्स की सक्रियता बढ़ा दी गई है। चिह्नित आतंकवादियों को पहचानने वाले ये स्पाटर्स मेले में लगे सीसीटीवी की फुटेज पर लगातार निगाह रखते हैं।
लाखों-करोड़ों की भीड़ में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना पुलिस के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। यही वजह है कि जगह-जगह सीसी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरी-जेबकतरी थम नहीं रही है। दुनिया भर में मशहूर कुंभ मेले में आतंकी हमले की आशंका बनी रहती है इसलिए इस महाकुंभ में जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के अलावा सेना, पैरा मिलेट्री फोर्स, एटीएस, एसटीएफ की क्यूआरटी, कमांडो भी सक्रिय है। इसके साथ ही देश भर से खुफिया शाखाओं के 500 से ज्यादा आतंकवाद विशेषज्ञ भी मेले में आए हैं। आतंकियों की पहचान करने में माहिर होने की वजह से उन्हें स्पाटर्स कहा जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ताजे एलर्ट के बाद सभी स्पाटर्स को अधिकतम सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई है। खासतौर से मेले में प्रवेश करने वाले प्वाइंट्स पर उन्हें खास नजर रखने को कहा गया है। वे दिन में कई बार सीसी कैमरों की रिकार्डिंग भी देख रहे हैं। कोशिश है कि स्पाटर्स की नजर से कोई बच न पाए।
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सेटेलाइट फोन नहीं मिला, चेतावनी जारी
महाकुंभ नगर। कुंभ मेले में बढ़ी सतर्कता के बीच सेटेलाइट फोन की मौजूदगी से परेशान पुलिस और खुफिया एजेंसियां बृहस्पतिवार को भी परेशान रहीं। एटीएस और एसटीएफ उस सेटेलाइट फोन का पता लगाने में जुटे रहे, जिसे बुधवार को ट्रेस किया गया था। उसकी लोकेशन मेले से अल्लापुर और झूंसी के बीच बदलती रही। गुरुवार को भी मेले में लाउडस्पीकर के जरिए अंग्रेजी और हिंदी में लगातार यह घोषणा की जाती रही कि महाकुंभ में सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल वर्जित है। इस बारे में एसएसपी कुंभ के कार्यालय में बताया जाए। एसएसपी कुंभ आरकेएस राठौर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि फिलहाल कोई सेटेलाइट फोन नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर यह घोषणा की जा रही है। विदेशों में तमाम लोग सेटेलाइट फोन रखते हैं मगर यहां इस्तेमाल करने के लिए सूचना देना जरूरी है।