मेजा। मेजा में बुधवार को कोहरे के कहर से कोहराम मच गया। सुबह धुंध में दिखाई न देने के कारण मेजा पहाड़ी पर ट्रक और बस में आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। हादसे में बस चालक सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जन भर से भी अधिक लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के परखचे उड़ गए। घटनास्थल पर चीखपुकार मच गई। ग्रामीणों संग मौके पर मयफोर्स पहुंचे एसओ विनोद यादव ने तत्काल घायलों को बस से निकालकर सीएचसी भेजवाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने एसआरएन रेफर कर दिया। इनमें कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है।
नैनी के सोनू बस सर्विस की एक मिनी बस कोरांव से इलाहाबाद के बीच चलती है। बुधवार सुबह चालक लक्ष्मीकांत उर्फ प्यारेलाल शुक्ल (43) निवासी रामपुर (कोरांव) बस में करीब पचास सवारियों को लेकर इलाहाबाद जा रहा था। उस समय घना कोहरा छाया हुआ था। सामने पचास मीटर की दूरी तक कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। जैसे ही बस मेजा पहाड़ी पर पहुंची कि सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से जोरदार भिड़ंत हो गई। इससे दोनों वाहनों के परखचे उड़ गए। बस चालक लक्ष्मीकांत की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रक चालक नन्हें (35) भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटनास्थल पर चीखपुकार मच गई। आसपास के लोग भागकर वहां पहुंचे। सूचना पर एसओ विनोद यादव भी मयफोर्स पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला गया। इस दौरान एक सवारी की मौत हो गई थी। शव की पहचान धर्मेंद्र सिंह (35) निवासी गिरगोंठा कोरांव के रूप में हुई। जख्मी लोगों को तत्काल एंबुलेंस से सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने एसआरएन रेफर कर दिया। शहर ले जाते समय सुनीता देवी (45) पत्नी रमाशंकर कन्नौजिया निवासी दोहथा (मांडा) ने भी दम तोड़ दिया। परिजन लाश मेजा थाने ले आए, जहां से तीनों शवों को चीरघर भेज दिया गया। घायलों में सिरोखर के ओपू (5), पिंकी (20), दोहथा की चांदनी (16), बसहरा के भगवती प्रसाद सिंह (60), पसना के मंगला प्रसाद (61), रामपुर (कोरांव) के रामबाबू (35), दोहथा के श्रीकांत दूबे (35), साजी के मिथिलेश शुक्ल (45), गिरगोंठा के अमरेशचंद्र शुक्ल (40), पत्नी रंजना (38), बच्चे हर्ष (8), आदर्श (6), दोहथा के बद्री प्रसाद शुक्ल (50), दोहथा के ही आशीष शुक्ल (25), कोरांव के हीरामणि (50), दोहथा की रामकली (45), गिरगोंठा के शिवकुमार (28), चुलबुल (5) आदि शामिल हैं। अमरेशचंद्र शुक्ल एलआईसी के अभिकर्ता हैं। वह अपनी पत्नी और दो बच्चों को लेकर इलाज के लिए शहर जा रहे थे। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। उधर, घटना के बाद मौके पर कोहराम मच गया। मृत बस चालक की पत्नी बिटोला देवी पति की लाश देख बेसुध हो गई। सुनीता देवी की मौत से बेटे राजन का रो-रो कर बुरा हाल है। एसडीएम डॉ. विपिन मिश्र और सीओ कुंवर ज्ञानांजय सिंह ने दुर्घटना की जानकारी लेने के बाद घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस क्षतिग्रस्त दोनों वाहनों को थाने ले गई।
हादसे में घायल गिरगोंठा निवासी अमरेशचंद्र शुक्ल एलआईसी अभिकर्ता हैं। वह अपनी बीवी और दो बच्चों को लेकर शहर जा रहे थे। पत्नी रंजना ने आरोप लगाया कि घायलों को बस से उतारते समय एक युवक ने उनके पति की जेब से एक लाख रुपये निकाल लिए। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई है।
बस और ट्रक में हुई भिड़ंत के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों का करुण क्रंदन सुनकर हर किसी का कलेजा दहल उठा। सीएचसी में भी चीखपुकार मची रही। उधर, मृतकों के घर पर भी कोहराम मचा है।
बुधवार सुबह घर से निकलने से पहले बस चालक लक्ष्मीकांत ने बच्चों को कपड़ा ले आने की बात कही थी। लाश के पास बैठे बच्चे रो-रो कर यही कहते रहे कि कौन लाएगा अब कपड़ा। पत्नी भी रोते-रोते बेसुध हो गई थी। परिजनों के मुताबिक लक्ष्मीकांत की रिश्तेदारी में शादी पड़ी हुई है। उसी की तैयारी में उसने बच्चों को कपड़ा ले आने की बात कही थी।
पुलिस ने धीरज सिंह पुत्र जगतनारायण सिंह निवासी गिरगोंठा कोरांव की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।