फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन पर भारी पड़े दबंग, छात्रावास पर कार्रवाई रुकी

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Allahabad
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। हाईकोर्ट की फटकार के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में दबंगों के खिलाफ शुरू हुआ आपरेशन क्लीन अभियान दूसरे ही दिन रुक गया। छात्रावासों में कब्जा जमाए बैठे अवैध दबंग अंत:वासी विश्वविद्यालय एवं जिला प्रशासन पर भारी पड़े। दबंगों की पहुंच और दबाव के कारण प्रशासन पशोपेश में दिखा और शुक्रवार को कार्रवाई के लिए पुलिस उपलब्ध नहीं कराई गई। ‘पुलिस खाली नहीं है’ का बहाना बनाकर अधिकारियों ने कार्रवाई टाल दी लेकिन पूरे विश्वविद्यालय में चर्चा रही कि ऊपरी दबाव में प्रशासन आगे नहीं बढ़ा।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर और अधिकारी दिन भर पुलिस के इंतजार में बैठे रहे लेकिन उन्हें सहयोग नहीं मिला। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी। शुक्रवार को जीएन झा के 31 कमरों और पीसी बनर्जी छात्रावास में कार्रवाई होनी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अधिकारियों ने शनिवार को पुलिस मुहैया कराने को कहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में अर्से से कब्जा जमाए बैठे अवैध अंत:वासियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विवि के एक छात्र की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद अवैध कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई। पहले दिन विवि की ओर से जीएन झा छात्रावास के 106 कमरों में से अवैध अंत:वासियों को बाहर किया गया। हाईकोर्ट के भय के कारण जिला प्रशासन की ओर से पहले दिन तो विश्वविद्यालय प्रशासन को पुलिस बल उपलब्ध कराया गया लेकिन अगले ही दिन सियासत हावी हो गई। हॉस्टल में गलत ढंग से रह रहे तमाम युवकों ने बृहस्पतिवार को ही विश्वविद्यालय प्रशासन को धमकी दी थी। शुक्रवार को जब पुलिस प्रशासन पीछे हट गया तो चर्चा चल पड़ी कि सियासी दखलंदाजी हो गई है।
विज्ञापन

सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय में कार्रवाई को लेकर शासन के एक बड़े अधिकारी ने जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को नरमी बरतने का संदेश दिया है। विवि में यह चर्चा भी जोरों पर है कि इसी कारण छात्रसंघ के पदाधिकारी हॉस्टल सफाई अभियान में कहीं नजर नहीं आए। हालांकि प्रशासन किसी दबाव से इंकार कर रहा है। एसपी सिटी का कहना है कि मोहर्रम शुरू हो गया है, शहर के दूसरे इलाकों में फोर्स तैनात की गई है। पुलिस की कमी के कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी है। उन्होंने शनिवार को विश्वविद्यालय को पुलिस बल उपलब्ध कराने को कहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो.माता अम्बर तिवारी का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई के लिए मात्र 25 पुलिस वालों की मांग की थी, वह भी उपलब्ध नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इससे वैध छात्रों में गलत संदेश जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन के बारे में उनका कहना है कि वह कोर्ट को वस्तु स्थिति से अवगत कराएंगे। प्राक्टर के मुताबिक प्रशासन ने उन्हें शनिवार को सुबह आठ बजे पुलिस बल देने को कहा है। सहयोग मिला तो सुबह ही जीएन झा में तथा उसके बाद सर सुंदर लाल छात्रावास में कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें