इलाहाबाद। स्कूली बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ थम नहीं रहा है। लगातार घटनाओं पर हल्ला मचने के बावजूद प्रशासन की अनदेखी के चलते शनिवार को यमुनापार में फिर एक स्कूल गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस घटना में एक बच्चे की जान चली गई जबकि कई घायल हुए हैं। वैन नाबालिग लड़का चला रहा था। मृत बच्चे के घर में दीवाली पर मातम छा गया। पुलिस ने स्कूल प्रबंधक पर कार्रवाई की बात कही है।
लोहगरा में कृष्णा नगर स्थित सीपीएस पब्लिक स्कूल में दोपहर 12 बजे छुट्टी होने पर एक वैन 20 बच्चों को लेकर रवाना हुई। करीब पौन घंटे बाद वैन इलाहाबाद-बांदा हाइवे पर पावर प्लांट के करीब पहुंची तभी सामने से आ रहे टेंपो से भिड़ंत हो गई। तेज गति में टक्कर होने से वैन क्षतिग्रस्त हो गई। दर्जन भर बच्चे घायल हो गए। उनमें पांच गंभीर घायल हुए थे। वहां चीख-पुकार मच गई। इस बीच वैन और टेंपो के ड्राइवर भाग गए। आसपास मौजूद लोगों ने आकर वैन से घायल बच्चों को बाहर निकाला। सभी को फौरन स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टर ने एक घायल बच्चे संदीप कुमार (5) को मृत बता दिया। एलकेजी का छात्र संदीप कुमार लालापुर इलाके में बघला गांव निवासी महेश कुमार का पुत्र था। वह तीन भाई और तीन बहनों में छोटा था।
प्रधान के दो बेटों समेत सात घायल
खबर मिली तो एसडीएम बारा राममूर्ति मिश्र और सीओ अखिलेश्वर कुमार पुलिस के साथ पहुंच गए। घायल बच्चों में लालापुर में लौंगकला गांव निवासी दिवाकर सिंह का बेटा कक्षा एक का छात्र अंशु सिंह, ग्राम प्रधान कामता प्रसाद सिंह के पुत्र केजी वन का छात्र अक्षय प्रताप सिंह और क्लास वन का छात्र अखिलेश प्रताप सिंह, कंचनपुर गांव निवासी अख्तर के बेटे कक्षा एक में पढ़ने वाले अब्दुल अजीज और अब्दुल हक, बाबू खान का बेटा कक्षा पांच का छात्र राहत खान, किराना दुकानदार मान सिंह का बेटा कक्षा एक का छात्र मोनू शामिल है। प्राथमिक उपचार के बाद इन बच्चों को हॉस्पिटल ले जाया गया। टेंपो सवार भी तीन लोग जख्मी हुए थे। उन्हें भी अस्पताल भेज दिया गया।
नाबालिग के हाथ में थी बच्चों की जान
पिछले दिनों स्कूली बस और वैन दुर्घटनाग्रस्त होने की कई घटनाओं के बाद डीएम ने आरटीओ तथा स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदारी सौंपी थी कि हादसों पर रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाएं, मगर हुआ क्या? शनिवार को बच्चों की वैन 14 साल का लड़का चला रहा था। वह तेज गति में वैन ले जा रहा था जिसके चलते एक बच्चे की मौत हो गई। बच्चे के घर में दीवाली के मौके पर मातम और कोहराम छा गया है। मां सुशीला समेत परिवार के लोग शव से लिपटकर विलाप कर रहे थे।
मोबाइल फोन बंदकर गुम प्रबंधक पर केस
इस दुखद घटना के लिए स्कूल प्रबंधक ओंकारनाथ शुक्ला को दोषी माना गया है। बताया गया कि वैन स्कूल की है। उन्हें पता था कि वैन नाबालिग लड़का चला रहा है। घोर लापरवाही बरतने वाले प्रबंधक और प्रधानाचार्य पिंकी मिश्रा ने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। सीओ और एसडीएम ने संपर्क करने की कोशिश की तो प्रबंधक ने मोबाइल फोन ऑफ कर दिया। सीओ ने कहा कि प्रबंधक पर केस लिखकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के लिए प्रबंधक ही जिम्मेदार है।