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शहर बर्बाद, अफसरों को आजम की शाबाशी

Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
Allahabad
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इलाहाबाद। कुंभ के तहत कराए गए कार्यों में हर विभाग शुरू से अब तक अपना राग अलापता रहा। नतीजा कि विभागों में सामंजस्य की कमी के कारण तमाम महत्वपूर्ण काम प्रभावित हुए और अरबों रुपये बर्बाद चले गए। कहीं, पोल हटाए बगैर सड़क चौड़ी कर दी गई तो कहीं सीवर लाइन के मेनहोल की ऊंचाई न बढ़ाए जाने से सड़क निर्माण का काम अटक गया। बिजली के पोल लगा दिए गए लेकिन उन पर ग्राउटिंग का काम नहीं हुआ। सड़क तो बना दी गई, पर कई जगह ट्रांसफार्मर किनारे पर शिफ्ट ही नहीं किए। ऐसे में हर संबंधित विभाग कुंभ के तहत मिले अरबों रुपये की बर्बादी में शामिल रहा। विभागों की इस लापरवाही के कारण लाखों की आबादी महीनों से समस्या झेल रही है इसके बावजूद नगर विकास मंत्री आजम खां कुंभ की तैयारियों से संतुष्ट हैं। कम से कम सड़क निर्माण को लेकर उन्हें कोई शिकायत नहीं। भले ही सड़क ऊंची-नीची बना दी गई, बनते ही धंस गई, बनने के बाद दोबारा खोद दी गई, निर्धारित ऊंचाई और चौड़ाई से कम बनाई गई, पर मंत्री जी को सब कुछ ठीक लग रहा है।
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डिवाइडर के नाम पर फूंक दिए गए लाखों
जवाहर लाल नेहरू रोड पर सोहबतियाबाग बड़े डॉट पुल से लेकर बालसन चौराहा होते हुए गवर्नमेंट प्रेस चौराहे तक यानी तकरीबन 6 किलोमीटर की दूरी तक डिवाडर बनाने के लिए सड़क के बीचो-बीच जगह छोड़ दी गई थी। बाद में आधी दूरी तक सड़क के बीच में आरसीसी का काम करा दिया गया। रविवार को नगर विकास मंत्री के शहर आने की सूचना मिली तो एक ही दिन में शेष आधी दूरी तक सड़क के बीच में बने गड्ढे को डामर से पाट दिया गया। अगर डिवाइडर बना तो डामर से पाटी गई सड़क को दोबारा खोदकर उस पर आरसीसी काम करना होगा और डिवाइडर नहीं बना तो पहले से आधी दूरी तक आरसीसी पर फूंके जा चुके लाखों रुपए बर्बाद चले जाएंगे। यानी नुकसान दोनों तरह से होना है लेकिन जिम्मेदार अफसरों को कोई फिक्र नहीं, क्योंकि मंत्री से तो उन्हें शाबाशी मिल चुकी है।
पोल, ट्रांसफार्मर हटाए नहीं और बना दी सड़क
सिविल लाइंस में महात्मा गांधी मार्ग सहित तमाम इलाकों में ट्रांसफार्मरों को शिफ्ट किए बगैर सड़क चौड़ी कर दी गई। वहीं, कई जगह पर बिना पोल हटाए सड़क चौड़ी की गई। जीटी रोड से जॉर्जटाउन जाने वाले तिराहे पर ही लगा साइनेज बोर्ड नहीं हटाया गया और सड़क चौड़ी कर दी गई। ऐसे में रात के वक्त सड़क पर तेज रफ्तार से चलने वालों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका और बढ़ गई है। तय है कि पोल और ट्रांसफार्मर को बाद में शिफ्ट करने पर सड़क दोबारा खोदनी पड़ेगी और इसमें लाखों रुपये बर्बाद होंगे।
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मेनहोल में गए करोड़ों रुपये
एजी ऑफिस से राजापुर जाने वाली सड़क पर मेनहोल के ढक्कन ऊपर नहीं किए गए और सड़क ऊंची कर दी गई। ऐसे में सड़क में जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं और दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। यह तो सिर्फ एक उदाहरण हैं। शहर के तमाम मार्गों पर अफसरों की यह लापरवाही शहरियों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। अगर यह काम पहले कर लिया गया होता तो शहरियों को समस्या न होती और न ही सड़क खोदने एवं मेनहोल का ढक्कन ऊपर करने में करोड़ों रुपये बर्बाद होते। जॉर्जटाउन में भी मेनहोल का ढक्कन ऊंचा किया जाना था लेकिन वहां गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने इस काम में इतनी देर कर दी कि दो माह तक सड़क का निर्माण अटका रहा।
सड़क पर लगा दिया घोटाले का ‘लेप’
नगर विकास मंत्री के इलाहाबाद आने की सूचना पर जवाहर लाल नेहरू रोड, जॉर्जटाउन, सिविल लाइंस सहित कई इलाकों में रातों-रात सड़क बना दी गई। सड़क इतनी जल्दबाजी में बनाई गई कि कोई भी उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठा सकता है। नगर विकास मंत्री लौटे तो सड़क बनाने वाली संस्थाओं के अभियंताओं और ठेकेदारों ने चैन की सांस ली। सड़क पर घोटाले का ‘लेप’ लगाने वालों की जेब भी भारी हो गई और मंत्री जी ने उन पर कोई कार्रवाई भी नहीं की।
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