इलाहाबाद। बेटियों को बचाने, आगे बढ़ाने, उन्हें विकास की कमान थमाने के लिए पूरी दुनिया में मुहिम चल रही है। संगमनगरी की बेटियों ने आईएएस, पीसीएस की मेरिट में स्थान बनाकर साबित किया कि परिवार को उन पर नाज है लेकिन मऊआइमा के एक परिवार ने इस सोच तो कुचलने, शर्मसार करने में कोई कसर न छोड़ी। आरोप है कि तीन बेटियां पैदा होने से नाराज पति ने पत्नी को जानवरों की तरह पीटा और यह कहकर घर से निकाल दिया कि मायके से बेटियों के पालन-पोषण का खर्च लेकर आओ। पिटाई से पत्नी की कालर बोन और पीठ की कुछ हड्डियां टूट गईं हैं। साथ ही शरीर में कई और जगहों पर गंभीर चोटें आई हैं।
क्षेत्र के कटरा दयाराम बागी गांव निवासी सगीर अहमद की बेटी अजमतुन का विवाह नौ वर्ष पूर्व मो.वहीद पुत्र हारून निवासी मकई थाना जेठवारा प्रतापगढ़ से हुआ। आरोप है कि शादी के बाद बाइक तथा पचास हजार नगद का दबाव बनाया जा रहा था। सगीर मांग पूरी न कर सका तो अजमतुन को प्रताड़ित किया जाने लगा। रिश्तेदारों के समझाने पर प्रताड़ना कम हुई लेकिन अजमतुन को बेटी पैदा हुई तो उसे फिर से प्रताड़ित किया जाने लगा। अजमतुन को लगातार तीन बेटियां ही पैदा हुईं। यह बात ससुराल वालों को इतनी नागवार गुजरी कि तीसरी बेटी की पैदाइश के कुछ दिनों बाद शनिवार को उसके साथ जमकर मारपीट की गई। आरोप है कि शनिवार को पति वहीद, ससुर हारून, सास फहीमुल, देवर वसीम तथा ननद ने मिलकर उसकी जमकर धुनाई की। जिस्म में कई जगह चोटें आई। पति की पिटाई से ही उसकी कालर बोन की हड्डी भी टूट गई। प्राइवेट अस्पताल में इलाज के बाद शनिवार की शाम अजमतुन के पिता सगीर, चाचा हकीम तथा भाई असलम उसे लेकर थाने पहुंचे। थानेदार के न होने पर दीवान को पूरे मामले की तहरीर दी गई है। थानाध्यक्ष मनोज राय ने सोमवार को आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की बात कही।