एंटीजन टेस्टिंंग किट से कोरोना की जांच करवाते बुजुर्ग
कोरोना के ज्यादा संक्रमित निजी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इस बात की पुष्टि तीन दिनों से हो रहे एंटीजन टेस्ट से हुई है। 34 अस्पतालों में किए गए 930 लोगों की जांच में कुल 145 पॉजिटिव मिले हैं। जो कि पॉजिटिव आने वालों का औसत 16 फीसदी के करीब है। तीनों दिनों के परिणाम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग 20 और निजी अस्पतालों में एंटीजन टेस्ट शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। कहा जा रहा है कि एक-दो दिन में इस पर फैसला कर लिया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के रोजाना होने वाले करीब तीन हजार एंटीजन, आरटीपीसीआर और ट्ूनॉट जांच के मुकाबले पॉजिटिव आने वालों का रेसियो नौ से 10 फीसदी के आसपास है लेकिन इन निजी अस्पतालों में तीन दिनों में हुई जांच में छह फीसदी अधिक संक्रमित यानी कुल 16 फीसदी संक्रमित मिल रहे हैं। ये संक्रमित वे हैं जो ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचे और लक्षण देखकर उनकी कोविड-19 की जांच कराई गई। तीन दिनों में कुल 930 लोगों की जांच की गई। इसमें पहले दिन 35, दूसरे 45 और तीसरे दिन 60 पॉजिटिव मिले। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने बताया कि ये जांचे कुल 34 निजी अस्पतालों में हुई है। यह एक सकारात्मक परिणाम है। निजी अस्पतालों से भी रोजाना पॉजिटिव मामले मिले रहे थे लेकिन उनकी संख्या कम होती थी। एंटीजन टेस्ट शुरू होने से यह संख्या बढ़ गई। जो कि संक्रमण को नियंत्रित करने में सहायक होगी। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में एंटीजन टेस्ट का दायरा निजी अस्पतालों में और बढ़ाया जाएगा।
20 अस्पतालों की ओर से आवेदन आए हैं। उस पर विचार विमर्श चल रहा है। जिला प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद इनमें भी जांच शुरू कर दी जाएगी। इससे एंटीजन टेस्ट सेंटर की संख्या 33 सरकारी और 54 निजी अस्पतालों में हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि निजी अस्पतालों में वही लोग टेस्ट करा सकेंगे जो वहां ओपीडी में जाएंगी और जिनमें लक्षण होंगे। वहां सभी लोगों की जांच नहीं हो सकेगी। सभी लोग स्वास्थ्य विभाग के शहर के 11 जांच सेंटरों में जांच करा सकते हैं।
जानकारों का कहना है कि अभी तक निजी अस्पतालों से फैल रहे संक्रमण की तरफ किसी का ध्यान नहीं गया था। स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में एंटीजन टेस्ट शुरू कर बहुत ही सकारात्मक कदम उठाया है। अभी कारोबारी स्थल, बैंक, पुलिस और प्रशासनिक महकमें के कार्यालयों सहित तीन-चार और क्षेत्र हैं, जहां स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन को संक्रमण को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।