कुंभ मेला के सेक्टर 17 में बुधवार देर रात बवाल हो गया। यहां छतनाग घाट पर स्वच्छाग्रहियों के लिए रैन बसेरा बनाया गया है। स्वच्छाग्रहियों का आरोप है कि सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी प्राविधिक (एडीपीआरओ ) ने रात करीब 10.30 बजे उनके शिविर में पहुंचे और यहां सो रहे महिला स्वच्छाग्रहियों के साथ बदसलूकी की। इसके बाद वहां मौजूद महिला स्वच्छाग्रहियों ने हंगामा किया। जिसे सुनकर उसी शिविर में दूसरी तरफ सो रहे पुरुष स्वच्छाग्रही पहुंच गए और उनका विरोध किया।
विरोध करने पर स्वच्छाग्रही संजय कुमार सिंह को लाठी, डंडे, रॉड से पीटकर घायल कर दिया गया। घायल स्वच्छाग्रही को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इससे आक्रोशित स्वच्छाग्रहियों ने हंगामा शुरू कर दिया। विरोध होता देख एडीपीआरओ और उनके साथ आए करीब 10-15 ब्लॉक कोआर्डिनेटर वहां से असलहा लहराते हुए भाग निकले। इसके बाद नारेबाजी करते हुए 100 से ज्यादा स्वच्छाग्रही प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय पर आकर देर रात धरने पर बैठ गए। देर रात तक प्रदर्शनकारी मेलाधिकारी को बुलाने की मांग करते हुए धरने पर डटे रहे।
छतनाग घाट रैन बसेरा में सेक्टर, 15, 16 और 17 के करीब 300 स्वच्छाग्रही रहते हैं। जहां उनके रहने और खाने पीने की सारी व्यवस्था है। कैंप के अगले हिस्से में पुरुष जबकि पिछले हिस्से में करीब 35 स्वच्छाग्रही महिलाएं रहती हैं। आरोप है कि बुधवार को रात 10.30 से 11 के बीच एडीपीआरओ आशुतोष कुमार अपने करीब 15 साथियों के साथ पहुंचे। यहां उन्होंने बदसलूकी की। शोरगुल सुनकर संजय सिंह नामक विकलांग स्वच्छाग्रही मौके पर पहुंच गया। विरोध करने पर लाठी, डंडे से उसकी पिटाई शुरू कर दी। हंगामा बढ़ा तो बड़ी संख्या में सफाईकर्मी मौके की ओर दौड़े। यह देख डीपीआरओ और उनके साथ आए लोग अपनी बोलेरो गाड़ी छोड़कर भाग निकले।
गुस्साए लोगों ने एडीपीआरओ के वाहन में तोड़फोड़ कर दी। घायल संजय को एसआरएन में भर्ती कराया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में सफाईकर्मी प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। सूचना पाकर एसडीएम दुर्गेश मिश्रा, डीपीआरओ अनिल त्रिपाठी और एसओ छतनाग राजेश यादव मेला प्राधिकरण कार्यालय पहुंच गए। एसडीएम के काफी समझाने पर भी स्वच्छाग्रही नहीं माने और मेलाधिकारी को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। इस संबंध में डीपीआरओ का कहना है कि, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। वहीं इस मामले में एडीपीआरओ का पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन, संपर्क उनसे नहीं हो सका।