गंगा-यमुना के जलस्तर में फिर वृद्धि, चिंता बरकरार
क्रासर
तटीय कछार वाली बस्तियों में मुसीबतें जस की तस
गंगा खतरे के निशान से से 3.460 मीटर और यमुना 4.440 मीटर नीचे
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद। तीन दिन की राहत के बाद गंगा-यमुना के जलस्तर में शनिवार को फिर वृद्धि शुरू हो गई। इससे तटी कछार वाले इलाकों में बाढ़ को लेकर एक बार फिर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं। हालांकि देर रात तक दोनों नदियों के जलस्तर में महज दो से पांच सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई। जल स्तर में वृद्धि को देखते हुए बाढ़ राहत चौकियों और प्रभावित इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है। फिलहाल गंगा खतरे के निशान से 3.460 मीटर और यमुना 4.440 मीटर नीचे बह रही हैं।
निचले स्तरों वाली चांदपुर, सलोरी, बेली कछार के अलावा दारागंज की गंगा किनारे की बस्तियों में पहुंचा बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह निकलने में वक्त लगेगा। तीन दिन के भीतर करीब 50 सेंमी जलस्तर में कमी आई थी, लेकिन शनिवार को फिर से वृद्धि शुरू होने से इन बस्तियों में बाढ़ का खतरा कम नहीं हुआ है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक फाफामऊ में गंगा 81.270 और छतनाग में 80.030 मीटर पर बह रही है। दिन भर में फाफामऊ में गंगा में दो सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई। छतनाग में तीन सेंमी पानी बढ़ा है। इसी तरह यमुना में पांच सेंमी की वृद्धि दर्ज की गई है। बांधों से छोड़ी गई भारी जलराशि के चलते एक बार फिर गंगा-यमुना के जल स्तर में वृद्धि होने से तटीय इलाके के लोग चिंतित हो गए हैं।