फिर गरमाया शिक्षक भर्ती में धांधली का मुद्दा
- पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा ने राष्ट्रपति को भेजा पत्र
- सीबीआई जांच कराने, भर्ती निरस्त किए जाने की मांग
प्रयागराज। सीएमपी डिग्री कॉलेज में दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अमित सिंह के खिलाफ पुलिस की ओर से स्पेशल सीजीएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद शिक्षक भर्ती में धांधली का मुद्दा फिर गरमाने लगा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष एवं सपा की प्रदेश प्रवक्ता ऋचा सिंह ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए भर्ती निरस्त किए जाने और मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है।
ऋचा सिंह ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि कुलपति के पूर्व ओएसडी एवं वर्तमान में सीएमपी डिग्री कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर अमित सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। ऋचा ने मुकदमों से संबंधित दस्तावेज भी पत्र के साथ संलग्न किए हैं। साथ ही उन्होंने पूर्व अध्यक्ष रोहित मिश्र की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस की ओर से अमित सिंह के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का भी अपने पत्र में जिक्र किया है, जिसमें अमित सिंह पर हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट के आधार पर शोध में प्रवेश लेने और सीएमपी डिग्री कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी हासिल करने का आरोप है। साथ ही ऋचा ने कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने अपने प्रभाव से अमित सिंह की नियुक्ति कराई है। इसके अलावा सीएमपी में ही एक अन्य महिला असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति पर भी सवाल उठाते हुए अवैध डिग्री के आधार पर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया है। ऋचा ने पत्र में कहा है कि कई अन्य मामलों में भी इसी तरह की गड़बड़ियों की आशंका है। राष्ट्रपति से मांग की है कि पूरी भर्ती निरस्त की जाए और इसकी सीबीआई जांच हो।