मंझनपुर। लोकसभा चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों को दस हजार से ज्यादा का लेनदेन करने के लिए चेक अथवा आरटीजीएस का सहारा लेना होगा। इसके लिए प्रत्याशियों को बैंक या डाकघर में अपना खाता खुलवाना होगा। चुनाव आयोग से मिले निर्देशों को लेकर मुख्य कोषाधिकारी मनोज त्रिपाठी ने बुधवार को राजनैतिक दलों के साथ बैठक कर निर्देश दिए।
मनोज त्रिपाठी ने बताया कि प्रत्याशी को अपना व्यय रजिस्टर रखना होगा। रोजाना के सार खर्च को उसमें दर्ज करना होगा। दस हजार तक की ही नकद लेनदेन प्रत्याशी कर सकता है। व्यय रजिस्टर को नामांकन से लेकर मतगणना तक दुरुस्त करना रहेगा। चेताया कि निर्वाचन आयोग की धन व्यय पर कड़ी नजर है। कोई भी प्रत्याशी धन शक्ति का दुरुपयोग नहीं कर सकता।
निर्वाचन व्यय की पहली श्रेणी विधिक व्यय है। जिसमें प्रचार अभियान से जुड़ा हुआ व्यय भी शामिल होगा। सार्वजनिक बैठक, रैली, पोस्टर, बैनर, वाहन. प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया में कराए गए प्रचार के खर्च को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा शराब, प्रलोभन, धन वितरण दंड संहिता के तहत अपराध है। बैठक में भाजपा नेता चंद्रदत्त शुक्ल, कांग्रेस के देवेश श्रीवास्तव, सपा के रवींद्र कुमार यादव, सीपीआई के शिवसिंह यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।