नेवादा । भारी गहमागहमी और हंगामे के बीच बुधवार को नेवादा ब्लॉक प्रमुख बबुली यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। ब्लॉक सभागार में हुए मतदान में 53 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें सिर्फ दो सदस्यों ने उनके पक्ष में मतदान किया, जबकि 50 सदस्यों ने विपक्षी राधा देवी के समर्थन में वोटिंग की, एक मत अवैध निकला। यहां अब प्रमुख पद के लिए उपचुनाव कराया जाएगा।
नेवादा ब्लॉक में 93 बीडीसी थे। इनमें से एक की मौत हो जाने के कारण मौजूदा समय में सिर्फ 92 सदस्य ही बचे हैं। इनमें से वार्ड नं 46 की बीडीसी राधा देवी की अगुवाई में 56 सदस्यों ने 15 जून को डीएम मनीष कुमार वर्मा के समक्ष शपथपत्र देकर ब्लॉक प्रमुख बबुली यादव के खिलाफ अविश्वास जताया था। प्रस्तुत हलफनामे के बाद डीएम ने अविश्वास पर चर्चा और मतदान के लिए 11 जुलाई की तारीख मुकर्रर की थी। बुधवार को एसडीएम चायल जीतेंद्र श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर श्रीवास्तव की मौजूदगी में सदन की कार्यवाही हुई। इसमें 92 की जगह सिर्फ 53 सदस्यों ने ही हिस्सा लिया। कोरम पूरा होने पर सदन की बैठक शुरू हुई। भारी गहमागहमी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। इसके बाद मतदान कराया गया। इसमें 50 सदस्यों ने प्रमुख के खिलाफ मतदान किया। बबुली यादव के पक्ष में सिर्फ दो सदस्यों ने ही मतदान किया। एक मत अवैध घोषित किया गया। इसी के साथ ब्लॉक प्रमुख बबुली यादव की कुर्सी छिन गई।
जिला पंचायत राज अधिकारी कमल किशोर ने बताया कि बुधवार को नेवादा ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया है। यहां अब उपचुनाव कराया जाएगा। इससे पहले यहां तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। गठित की जाने वाली कमेटी में एससी, ओबीसी एवं सामान्य वर्ग के एक-एक सदस्यों को शामिल किया जाएगा।