इविवि में बजी चुनाव की रणभेरी
0 चार अक्तूबर से छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया होगी शुरू, नामांकन छह को
0 14 को होगा मतदान, विश्वविद्यालय में लागू हुई आदर्श आचार संहिता
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में चुनाव की रणभेरी बज गई है। मंगलवार को चुनाव अधिकारी प्रो. आरके सिंह ने कार्यक्रम जारी कर दिया और साथ ही इविवि में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव प्रक्रिया चार अक्तूबर से शुरू हो जाएगी जो 14 अक्तूबर को मतदान एवं मतगणना के साथ पूरी होगी। शपथ ग्रहण समारोह 15 अक्तूबर को होगा। इस दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों की निगरानी भी तेज कर दी गई है।
नामांकन पत्रों की बिक्री चार एवं पांच अक्तूबर को सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक होगी। नामांकन छह अक्तूबर को सुबह नौ से दो बजे तक होगा और शाम पांच बजे नामांकित प्रत्याशियों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। सात अक्तूबर को सुबह 10 से दो बजे तक नाम वापसी के साथ नामांकन के संबंध में आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी। शाम चार बजे नामांकित प्रत्याशियों की अनंतिम सूची का प्रकाशन होगा और पांच बजे सूची वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। अनंतिम सूची पर आठ अक्तूबर को सुबह 10 से शाम पांच बजे तक आपत्तियां ली जाएंगी। नामांकन फॉर्म की जांच नौ एवं 10 अक्तूबर को होगी। 10 को ही प्रत्याशियों की अंतिम सूची का प्रकाशन होगा। ये सभी चुनाव प्रक्रिया छात्रसंघ भवन में आयोजित की जाएगी।
छात्रसंघ भवन में ही 11 अक्तूबर को केवल अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के लिए दोपहर 12 से तीन बजे तक दक्षता भाषण होगा। 11 को ही शाम पांच बजे अर्ह पाए प्रत्याशियों की सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। चुनाव प्रचार के लिए 12 एवं 13 अक्तूबर का दिन निर्धारित किया गया है। मतदान 14 अक्तूबर को सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक होगा। छात्र सीनेट परिसर और छात्राएं महिला हॉस्टल परिसर में मतदान करेंगी। मतगणना शाम पांच बजे केंद्रीय पुस्तकालय में शुरू होगी। मतगणना पूरी होते ही परिणाम घोषित कर दिया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह छात्रसंघ भवन में 15 अक्तूबर को सुबह 11 बजे होगा।
इस दफे भी ओएमआर से मतदान
इस बार भी चुनाव में ओएमआर के माध्यम से मतदान कराया जाएगा। हालांकि, इविवि प्रशासन ने पिछले साल ही ईवीएम से मतदान कराने का प्रयास किया था, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। चुनाव अधिकारी प्रो. आरके सिंह का कहना है कि पिछले साल डीएम से इस बारे में बात की गई थी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कह दिया कि इसके लिए आयोग से अनुमति नहीं है, सो इस बार प्रयास नहीं किया गया।
चुनाव के लिए बनेगी वेबसाइट
विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के लिए अलग से वेबसाइट भी बनाई जा रही है। इसमें नामांकित छात्रों की सूची समेत मतदान और मतगणना से संबंधी सभी जानकारी अपलोड की जाएगी। चुनाव अधिकारी ने बताया कि वेबसाइट पर कोई भी घर बैठे छात्रसंघ चुनाव के बारे में जानकारी हासिल कर सकता है।
महाविद्यालयों में भी जल्द घोषित होगा कार्यक्रम
चुनाव अधिकारी प्रो. आरके सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रसंघ का चुनाव कार्यक्रम घोषित करने से पहले महाविद्यालयों से भी संपर्क किया गया था। उन्हें भी चुनाव कार्यक्रम से अवगत करा दिया गया है। अमूमन नामांकन से लेकर मतदान तक विश्वविद्यालय के चुनाव कार्यक्रम को संघटक महाविद्यालय अपने यहां लागू करते हैं। इसमें कभी-कभार मामूली फेरबदल हो सकता है। कोशिश यही होती है कि सभी जगह एक ही चुनाव प्रक्रिया पर काम हो ताकि चुनाव के संचालन में दिक्कत न आए। विश्वविद्यालय के साथ संघटक महाविद्यालय इलाहाबाद डिग्री कालेज, ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज, सीएमपी डिग्री कॉलेज और श्याम प्रसाद मुखर्जी डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव होना है।
22 तक तय होगी मतदाताओं की संख्या
पिछली बार छात्रसंघ चुनाव में 21 हजार 800 मतदाता थे। इस बार अभी आईकार्ड बन रहे हैं, सो मतदाताओं की संख्या तय नहीं है। आईकार्ड के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 22 सितंबर है। इसके बाद आवेदन करने वालों को आईकार्ड चुनाव के बाद दिए जाएंगे। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि अब तक तकरीबन 20 हजार आईकार्ड बन चुके हैं। 22 को आईकार्ड के लिए आवेदन का समय पूरा होने के बाद मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हो जाएगी। मतदान के दौरान छात्र-छात्राओं को अपने साथ आईकार्ड एवं मूल फीस रसीद लाना अनिवार्य होगा।
नहीं हुई छात्रसंघ-इविवि प्रशासन की बैठक
छात्रसंघ के गठन के बाद साल में एक निश्चित अंतराल के दौरान छात्रसंघ पदाधिकारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के अफसरों के बीच नियमित रूप से बैठक होने का प्रावधान है, लेकिन साल भर इस तरह की कोई बैठक नहीं हुई। इस बारे में सलाहकार कमेटी के अध्यक्ष प्रो. एसए अंसारी का कहना है कि छात्रसंघ के पदाधिकारियों की छात्र हितों के मुद्दों को छोड़ अन्य मसलों पर बात करने में ज्यादा रुचि थी। पदाधिकारी छात्रसंघ के उद्देश्य से ही भटक गए और बैठक नहीं हो सकी।
दुष्प्रचार किया तो नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
0 आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी शुरू
0 विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस, जिला प्रशासन से मांगा सहयोग
इलाहाबाद। इविवि परिसर में आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रचार-प्रचार को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इसके साथ ही परिसर में शांति व्यवस्था बनाए जाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा गया है। प्रत्याशियों को बता दिया गया है कि चुनाव लिंगदोह की संस्तुतियों के आधार पर होंगे। लिंगदोह की संस्तुति विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
प्रत्याशियों से कहा गया है कि प्रचार के दौरान ऐसा कोई दुष्प्रचार न करें, जिससे आपसी मतभेद और घृणा की स्थित उत्पन्न हो या फिर धार्मिक समुदायों अथवा छात्र समूहों में तनाव उत्पन्न हो। किसी भी प्रत्याशी को पोस्टर, पम्फलेट या किसी भी प्रचार के लिए छपी हुई सामग्री के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रत्याशी के लिए अधिकतम खर्च की सीमा पांच हजार रुपये निर्धारित है। प्रत्याशी हस्तनिर्मित पोस्टरों का प्रयोग निर्धारित खर्च सीमा में ही करेंगे। चुनाव कार्यक्रम में दी गई तिथि (दक्षता भाषण एवं चुनाव प्रचार) को ही प्रत्याशियों को जुलूस निकलाने, आम सभा करने की छूट होगी लेकिन शर्त होगी कि इसकी वजह से कक्षाएं एवं शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। प्रत्याशी ध्वनि विस्तारक यंत्रों, गाड़ियों और पशुओं का प्रचार के लिए उपयोग नहीं करेंगे। मतदान केंद्रों से 100 मीटर की दूरी तक चुनाव प्रचार, मतदान से 24 घंटे पहले आम सभा करने, मतदान केंद्र तक गाड़ी ले जाने जैसे कृत्य अपराध एवं भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल माने जाएंगे। नामांकन के दिन प्रत्याशियों एवं दो प्रस्तावकों (जो विश्वविद्यालय के नियमित छात्र हों) के अतिरिक्त विश्वविद्यालय परिसर में अन्य छात्रों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।