बाढ़ की वजह से देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से संगमनगरी में आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले करीब 80 हजार प्रतियोगी छात्र लॉज और किराये का कमरे छोड़कर घर चले गए। कोचिंग संचालकों का यह अनुमान है।
उनके मुताबिक छोटा बघाड़ा, सलोरी, राजापुर और शुक्ला मार्केट जैसे इलाकों में पानी घरों और कमरों में भर गया है। ये क्षेत्र प्रतियोगी छात्रों की घनी आबादी वाले हैं। यहां की करीब 400 से अधिक लाइब्रेरी बंद हो चुकी हैं।
छात्र सिर पर बोरी में सामान और कंधे पर किताबें लादे सड़कों पर अपने घरों की ओर जाते कई दिनों से नजर आ रहे हैं। छात्र शिवम (वाराणसी), आशीष (आजमगढ़) और वरुण यादव (भदोही) सहित अन्य छात्रों ने बताया कि बिजली-पानी और राशन तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पढ़ाई तो दूर, जीना भी मुश्किल हो गया है।
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पढ़ाई के लिए बाढ़ में भी रहना मजबूरी
कुछ छात्र ऐसे भी हैं जो आगामी परीक्षाओं की वजह से यहीं रुके हैं। विकास ने बताया कि एनटीपीसी का एग्जाम है, इसलिए बाढ़ के बावजूद कमरे में ही रुके हैं। जौनपुर के अंकित और रितेश बताते हैं, बिहार पुलिस की परीक्षा है लेकिन रहने की कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है। प्रशासन को ऐसे छात्रों के लिए वैकल्पिक आवासीय व्यवस्था करनी चाहिए। छोटा बघाड़ा निवासी अतुल कुमार का खुद का मकान है जिसमें प्रतियोगी छात्र किराये पर रहते थे। अब मकान में पानी भर गया है तो अतुल खुद परिवार समेत दूसरे के घर में किराये पर रहने के लिए मजबूर हैं।
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मकान मालिकों ने दोगुना किया किराया
छात्र आकाश कुमार यादव और आदित्य कुमार बताते हैं कि कमरा खाली करने के बाद जब नया तलाशा तो मकान मालिकों ने दो गुना किराया मांगना शुरू कर दिया। तीन हजार रुपये में वाले कमरे का दोगुना किराया मांगा जा रहा है।
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बाढ़ के बाद गंदगी, नालियां ओवरफ्लो
राजापुर, सलोरी, छोटा बघाड़ा जैसे इलाकों में पानी उतरने के बाद अब नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं। गलियों-सड़कों पर गंदगी और कीचड़ का ढेर है। रहने की स्थिति बेहद खराब है। स्थानीय निवासी पप्पू शर्मा और राजू यादव ने कहा कि यह हाल है स्मार्ट सिटी प्रयागराज का, जहां हर साल करोड़ों खर्च होते हैं।
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बाढ़ की चपेट में है यह इलाके
सदर तहसील : राजापुर, छोटा बघाड़ा, शुक्ला मार्केट, सलोरी, शिवकुटी, चिल्ला पट्टी, सादियाबाद, बेली, मेहदौरी, गोविंदपुर, चांदपुर, बक्शी बाजार मोड़ आदि 33 से अधिक मोहल्ले हैं जहां छात्र किराये पर रहते हैं। राजापुर कछार, बघाड़ा, मेहंदौरी, शिवकुटी, चांदपुर, सलोरी उपरहार जैसे इलाके प्रभावित हैं। यहां कई मकानों में पानी घुस गया है।
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प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है। प्रतियोगी छात्रों और स्थानीय लोगों को बाढ़ से राहत मिलती दिख रही। जल्द समुचित व्यवस्था करने का प्रयास किया जा रहा है। साफ-सफाई और दवा छिड़काव के इंतजाम किए गए हैं। - मनीष कुमार वर्मा, डीएम