नहीं सुलझी फ्लैट नंबर 702 में हुई हत्या की गुत्थी
राजधर के वकील मिले एसएसपी से, कहा अनबन की वजह से सुमित्रा ने फंसाया
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। नैनी के मानस विहार अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 702 में राहुल मिश्रा की हत्या के मामले की गुत्थी अभी सुलझी नहीं है। इस मामले में सुमित्रा और उसके पति राजधर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। राजधर के वकील गुरुवार को एसएसपी से मिले और बताया कि सुमित्रा और राजधर के बीच अनबन चल रही थी, उसी कारण सुुमित्रा ने राजधर को फंसाया है। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की है।
प्रतापगढ़ के रहने वाले वाले राहुल मिश्रा की लाश नौ अप्रैल को नैनी के मानस विहार अपार्टमेंट में मिली थी। अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 702 खाली पड़ा था। राहुल के मामा कुलदीप तिवारी का आरोप था कि इसी कमरे से फेंककर राहुल की जान ली गई। राहुल रात में इसी अपार्टमेंट में रहने वाली सुमित्रा से मिलने गया था। उसी समय पति राजधर आ गए। दोनों में हाथापाई हुई और राहुल की सातवीं मंजिल से फेंककर हत्या कर दी गई। कुलदीप की तहरीर पर सुमित्रा, राजधर और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सुमित्रा को अगले दिन गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उधर राजधर अभी तक नहीं पकड़ा गया। राजधर के वकील गुरुवार को एसएसपी से मिले और बताया कि राजधर जब वहां पहुंचा तो सुमित्रा उससे झगड़ने लगी और उसे भगा दिया। राजधर और सुमित्रा के बीच संबंध अच्छे नहीं थे, जिसके कारण वह घर में नहीं रहता था। राजधर ने तेज आवाज में पुलिस बुलाने की बात की थी। इसके बाद वहां से चला गया। दस मिनट बाद सुमित्रा ने उसके मोबाइल पर फोन कर बताया कि राहुल फ्लैट नंबर 702 से कूद गया है। वह तुरंत मानस विहार पहुंचा और राहुल को लादकर एसआरएन अस्पताल ले गया। अगर उसे मारना होता तो वह क्यों राहुल को अस्पताल ले जाता। सुमित्रा ने उसे फंसाने के लिए बयान दिया क्योंकि अच्छे संबंध न होने की वजह राजधर उसके साथ नहीं रहता था। प्रार्थनापत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।